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Article 370 और 35A खत्‍म होने से चिढ़ा पाकिस्‍तान, संसद का संयुक्त सत्र बुलाया, ये बोले-इमरान खान

News State Bureau  |   Updated On : August 05, 2019 07:29:56 PM
पाकिस्‍तानी संसद

पाकिस्‍तानी संसद (Photo Credit : )

नई दिल्‍ली:  

Article 370 और 35A के चंगुल से जम्मू-कश्मीर के आजाद होने से पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्‍तान की इमरान सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर के मुद्दे पर मंगलवार को संसद का संयुक्‍त सत्र बुलाया है. वहीं जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने और अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के भारत सरकार के फैसले को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गैर-कानूनी बताया और कहा कि इससे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा नष्ट हो जाएगी. इमरान ने यह बयान अपने मलेशियाई समकक्ष महाथिर बिन मोहम्मद के साथ जम्मू एवं कश्मीर की वर्तमान स्थिति पर बातचीत के दौरान दिया.

बातचीत के दौरान इमरान ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति में बदलाव संयुक्त राष्ट्र संकल्पों का उल्लंघन है. जियो न्यूज के अनुसार, इमरान ने मलेशियाई प्रधानमंत्री से कहा, "भारत के इस कदम से परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच संबंध और बिगड़ेंगे." मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर बिन मोहम्मद ने कहा कि मलेशिया स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पाकिस्तान के संपर्क में है.

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इसके पहले भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया, जो जम्मू एवं कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करता था. भारत के इस निर्णय की पाकिस्तान ने निंदा की है और घोषणा की है कि इस मुद्दे को देश में दौरे पर आ रहे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ बैठकों के दौरान उठाया जाएगा.

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इससे पहले कश्मीर का राग अलापते हुए पाकिस्तान आज फैसल चौक कश्मीर में चियरनाग क्रासिंग के पास एक रैली का आयोजन करने जा रहा है. दरअसल, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ-PTI (Pakistan Tehreek-e-Insaf) की अगुवाई में इस रैली का आयोजन किया जा रहा है. पार्टी के कार्यकर्ताओं को रैली का कार्यक्रम सफल बनाने के लिए तैयारी पूरी करने को कहा गया है. भारत सरकार के जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए ऐतिहासिक फैसले से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को परेशानी में डाल दिया है.


बता दें जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 35A को खत्‍म कर दिया गया है. वहीं कैबिनेट के प्रस्‍ताव को राष्‍ट्रपति ने मंजूरी भी दे दी है. इससे पहले Article 370 और 35A को हटाने का प्रस्‍ताव गृह मंत्री अमित शाह ने राज्‍यसभा में पेश किया. गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे. खंड 1 को छोड़कर बाकी सारी खंड को हटाने की मांग की. गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 पर पुनर्विचार किये जाने की मांग की है. उन्होंने धारा 35 ए खत्म करने की सिफारिश की है. आइए जानें जम्‍मू-कश्‍मीर को धारा 370 से क्‍या फायदा होता था और अब इसके हटने के बाद कैसा होगा नया कश्‍मीर..

तबः Article 370 और 35A (Article 35A) के तहत जम्‍मू और कश्‍मीर को विशेष राज्‍य का दर्जा मिला हुआ था. इसी विशेष दर्जे के कारण जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता (भारत और कश्मीर) होती थी. 

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अबः जम्‍मू और कश्‍मीर सच्‍चे अर्थों में भारत का अंग बन गया है. अब यहां केवल एक नागरिकता होगी और वो होगी भारतीय. जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों की दोहरी नागरिकता समाप्त हो जाएगी. इससे राज्‍य या यूं कहें केंद्र शाषित प्रदेश जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख में अलगाववाद खत्‍म होगा.

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तबः Article 370 के तहत भारत की संसद जम्मू-कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यन्त सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती थी. यही नहीं जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग था. वहां के नागरिकों द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना अनिवार्य नहीं था.

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अबः कश्मीर का अब अलग झंडा नहीं होगा. मतलब वहां भी अब तिरंगा शान से लहराएगा. अब श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहरेगा. अब राष्‍ट्रीय ध्‍वज का सम्‍मान करना पड़ेगा. अनुच्छेद-370 के साथ ही जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान भी इतिहास बन गया है. अब वहां भी भारत का संविधान लागू होगा.

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तबः अनुच्छेद-370 और 35 ए के तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि खरीदने का अधिकार था. यानी भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते थे.

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अबः इस अनुच्छेद के हटने से देश का कोई नागरिक राज्य में ज़मीन खरीद पाएगा, सरकारी नौकरी कर पाएगा, उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला ले पाएगा. इससे राज्‍य में निवेश बढ़ेंगे. नई कंपनियां आएंगी और लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

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तबः 35 ए के तहत जम्मू-कश्मीर की कोई महिला अगर भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जाती थी. इसके विपरीत अगर वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जाती थी.

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अबः महिला अधिकारों के साथ भेदभाव करने वाला यह कानून अब पूरी तरह समाप्‍त हो गया है. जम्मू-कश्मीर की लड़कियों को अब दूसरे राज्य के लोगों से भी शादी करने की स्वतंत्रता होगी. दूसरे राज्य के पुरुष से शादी करने पर उनकी नागरिकता खत्म नहीं होगी. यह जम्‍मू-कश्‍मीर की महिलाओं के लिए बहुत बड़ा तोहफा है.

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तब : धारा 370 (Article 370) की वजह से कश्मीर में आरटीआई और सीएजी (CAG) जैसे कानून लागू नहीं होते थे. कश्मीर में महिलाओं पर शरियत कानून लागू था. कश्मीर में पंचायत को अधिकार प्राप्त नहीं था. धारा 370 (Article 370) की वजह से ही कश्मीर में रहने वाले पाकिस्तानियों को भी भारतीय नागरिकता मिल जाती थी.

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अबः अब अन्‍य राज्‍यों की तरह यहां भी आरटीआई और सीएजी (CAG) जैसे कानून लागू होंगे. कश्‍मीर में रहने वाले किसी भी पाकिस्‍तानी को अब नागरिकता नहीं मिल पाएगी. इससे आंतकवाद को प्रश्रय नहीं मिल पाएगा.

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जम्मू-कश्मीर के दो टुकड़े कर दिए गए हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब अलग-अलग राज्य होंगे. दोनों नए राज्य जम्मू-कश्मीर व लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश होंगे.  जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी. मतलब जम्मू-कश्मीर में राज्य सरकार बनेगी, लेकिन लद्दाख की कोई स्थानीय सरकार नहीं होगी.

First Published: Aug 05, 2019 03:33:50 PM

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