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क्या वाकई खत्म हो रहा है नक्सलवाद ? रेड कॉरिडोर की मौजूदा स्थिति पर 'इंडिया बोले'

इन नक्सलियों को 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था लेकिन 2018 में कांग्रेस नेता...

#IndiaBole: इतिहास- विरासत और सियासत, क्या आजादी के नायकों के साथ हुआ है भेदभाव?

क्या आजादी के नायकों के साथ भेदभाव हुआ है? इसी मुद्दे पर देखिए बड़ी बहस 'इंडिया बोले', अनुराग दीक्षित के साथ इस सोमवार शाम 6 बजे सिर्फ...

'छत्तीसगढ़ में वजूद के लिए संघर्ष कर रहे हैं नक्सली'

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से नक्सली कोई बड़ा शिकार करने को बेचैन हैं क्योंकि वे अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह बात यहां...

नेहरू के लिए सरदार पटेल ने छोड़ दिया था प्रधानमंत्री का पद

साल 1940 से 1945 के बीच मौलाना अबुल कलाम आजाद कांग्रेस के अध्यक्ष थे. 1946 में अगले अध्यक्ष को चुना जाना था. लगभग तय था कि अब जो भी अध्यक्ष बनेगा,...

Statue Of Unity: कई मौकों पर दिखा नेहरू और पटेल में घमासान!

साल 1940 से 1945 के बीच मौलाना अबुल कलाम आजाद कांग्रेस के अध्यक्ष थे. 1946 में अगले अध्यक्ष को चुना जाना था. लगभग तय था कि अब जो भी अध्यक्ष बनेगा,

सरदार पटेल के लिए आसान नहीं था रियासतों का विलय

आजादी के समय देश अलग-अलग रियासतों में बंटा हुआ था. लेकिन सरदार पटेल ने इसे एक सूत्र में पिरोया.

आंकड़ों में जानिए क्या सचिन से बेहतर खिलाड़ी है भारतीय कप्तान विराट कोहली

विराट के सामने सिर्फ एक ही बल्लेबाज़ नज़र आ रहा है जिन्हें क्रिकेट का भगवान कहा जाता है यानी मास्टर ब्लासटर सचिन तेंदुलकर.

वाइज़ैग में कप्तान कोहली की एक भूल जो बन गई 'विराट' ग़लती

गुवाहाटी वनडे के बाद विराट का बल्ला वाइज़ैग वनडे में भी चमका और विराट ने विंडीज़ के गेंदबाज़ों पर जमकर रन बरसाए. जिसके बाद विराट की...

'आजाद हिंद सरकार' की 75वीं जयंती: सुभाष चंद्र बोस — विरोध भी, सम्मान भी!

तर्क हो सकता है कि इस सबके पीछे भाजपा की मंशा सियासी फायदा उठाने की है. वजह कुछ भी हो लेकिन इस मौके पर अतीत के पन्नों को पलटना जरूरी हो...

Dussehra 2018: जानिए क्या है दशहरा और नीलकंठ से जुड़ी कहानी

'नीलकंठ तुम नीले रहियों हमारी बात राम से कहियो', पता नहीं कि अब हमको अपनी बात भगवान राम तक पहुंचानी है या नहीं. दशहरे पर सुबह-सुबह घऱ के...

देश में 92 फीसदी महिलाओं की तनख्वाह 10 हजार से भी कम

रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 में राष्ट्रीय स्तर पर 67 प्रतिशत परिवारों की मासिक आमदनी 10,000 रुपये थी जबकि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी)...

भुखमरी पीड़ित देशों में अपना भारत महान भी!

अंतर्राष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार गत वर्ष भारत दुनिया के 119 देशों के हंगर इंडेक्स में 97वें...

'मीटू मूवमेंट' क्या भड़ास निकालने का बहाना है?

सालभर पहले हॉलीवुड में शुरू हुआ 'मीटू मूवमेंट' अब भारत में अपने शबाब पर है। आजकल महिलाएं रोजाना आगे आकर अपने साथ हुए उत्पीड़न का अनुभव...

आखिर एक लड़की कब-कब और क्यों कहती है #MeToo

एक सवाल यह उठता है कि आखिर एक लड़की को कब #MeToo कहने की जरूरत पड़ती है.

चुनाव आते ही यूपी-बिहार के लोगों पर क़हर क्यों?

जब संविधान में किसी भारतीय नगारिक को देश में कहीं भी आने-जाने और रहने की आजादी है तो चंद गुंडे राजनीति की रोटी सेंकने क्यों आ जाते हैं.

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