जाकिर नाईक ने प्रत्यर्पण से भारत को इंकार करने पर मलेशियाई प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद

विवादित इस्लामिक धर्म उपदेशक और इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक जाकिर नाईक ने भारत को प्रत्यर्पण नहीं किए जाने के बाद मलेशिया सरकार को धन्यवाद दिया है।

  |   Updated On : July 11, 2018 06:11 PM
इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक जाकिर नाईक (फोटो: ANI)

इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक जाकिर नाईक (फोटो: ANI)

क्वालालांपुर:  

विवादित इस्लामिक धर्म उपदेशक और इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक जाकिर नाईक ने मलेशियाई सरकार को खुद के भारत को प्रत्यर्पण करने से इनकार करने के फैसले पर धन्यवाद दिया है।

जाकिर नाईक ने एक बयान में कहा, 'मैं निष्पक्ष तरीके से मुद्दे की जांच करने के लिए मलेशिया सरकार और यहां रहने दिए जाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं। मैं मलेशिया की शांति और सद्भावना के समर्थन के लिए लगातार कानून का पालन करूंगा।'

उन्होंने कहा, 'यह निर्णय मलेशिया के न्याय और सांप्रदायिक सदभावना के प्रति मेरे भरोसे को जगाया है। और यह इस देश के बहुजातीय विविधता के सफलता का साक्ष्य भी है। अंतत: मैं आशा करता हूं कि मेरी जन्मभूमि भारत में भी न्याय और शांति बहाल होगी।'

बीते सोमवार को भारत सरकार के आग्रह करने के खिलाफ जाते हुए मलेशियाई प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण करने से इंकार कर दिया था।

महातिर मोहम्मद ने कहा था,' जब तक नाईक से हमारे देश को किसी प्रकार का खतरा नहीं है तब तक हम उसे प्रत्यर्पित नहीं करेंगे, क्योंकि जाकिर को मलेशिया की भी नागरिकता प्राप्त है।'

महाथिर मोहम्मद ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा सुनिश्चित करेगी कि वह इस तरह की किसी मांग पर प्रतिक्रिया देने से पहले सभी कारकों पर विचार करें, 'अन्यथा कोई पीड़ित बन जाएगा।'

और पढ़ें: ईरान ने चाबहार बंदरगाह में कम निवेश को लेकर भारत को चेताया

इससे पहले विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह कहा था कि विवादास्पद इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक को भारत प्रत्यर्पित करने के हमारे आग्रह पर मलेशियाई अधिकारियों द्वारा 'सक्रिय रूप से विचार' किया जा रहा है।

जाकिर नाईक वर्तमान में मलेशिया का स्थायी निवासी है। नाईक पर भारत में भड़काऊ भाषण के जरिए नफरत फैलाने, समुदायों में दुश्मनी को बढ़ावा देने और आतंकवाद का वित्तपोषण करने का आरोप है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुंबई ब्रांच में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत जाकिर के खिलाफ 18 नवंबर, 2016 को केस दर्ज किया गया था। वह 2016 में ही देश छोड़कर जा चुका है।

बता दें कि जाकिर नाईक ने हाल ही में कहा था कि वह तब तक भारत नहीं लौटेगा, जबतक उसे निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आश्वस्त नहीं किया जाता।

और पढ़ें: कश्मीर पर भारत के खिलाफ UN की रिपोर्ट तैयार करने में पाकिस्तान का हाथ!

First Published: Wednesday, July 11, 2018 05:17 PM

RELATED TAG: Zakir Naik, Malaysian Prime Minister, Malaysia, Zakir Naik Extradition, Mahathir Mohamad, Nia, Terror Funding, Islamic Research Foundation,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो