BREAKING NEWS
  • गाजियाबाद में बीजेपी नेता बीएस तोमर की गोली मारकर हत्या, इलाके में तनाव का माहौल- Read More »
  • राजधानी भोपाल में मॉब लिंचिंग, बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने युवक को बेरहमी से पीटा- Read More »
  • शादी से नाखुश मां ने की अपनी ही बेटी को कोर्ट परिसर से अगवा करने की कोशिश, पुलिस पकड़कर ले गई थाने- Read More »

आखिर मुस्लिम सांसद नुसरत जहां ने क्यों लगाया सिंदूर, जाने सिंदूर का महत्व

News State Bureau  |   Updated On : June 28, 2019 06:24 PM
टीएमसी सांसद नुसरत जहां सिंदूर लगा कर पहुंची संसद में

टीएमसी सांसद नुसरत जहां सिंदूर लगा कर पहुंची संसद में

ख़ास बातें

  •  सिंदूर का संबंध रामायण काल से है जुड़ा. सीताजी औऱ हनुमानजी को भी है प्रिय.
  •  सिंदूर का पारा महिलाओं को मस्तिष्क के रोगों से भी रखता है दूर.
  •  घर में लाता है सुख-समद्धि और शांति. ईश्वरीय आशीर्वाद है सिंदूर.

नई दिल्ली.:  

किसी ने सही ही कहा है कि बदनाम हुए तो क्या नाम न होगा? इसे तृणमूल सांसद नुसरत जहां से बेहतर भला और कौन समझ सकता है. सांसद बनने पर पहली बार संसद पहुंची नुसरत जहां को उनकी भड़कीली ड्रेस में सेल्फी को लेकर जमकर ट्रोल किया गया था. अब इन्हीं नुसरत जहां को मांग में सिंदूर, हाथ में मेहंदी, लाल चूड़ा और साड़ी पहन कर संसद पहुंचने पर फिर से ट्रोल किया गया. कहा गया कि उन्होंने निखिल जैन से शादी के बाद अपना धर्म बदल लिया है. लोगों को सबसे ज्यादा आपत्ति उनके मांग में सिंदूर लगाने को लेकर थी.

हालांकि नुसरत जहां ने अपने आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने अपना धर्म नहीं बदला है, लेकिन पति के घर के रीति-रिवाजों का अनुसरण करते हुए उन्होंने मांग में सिंदूर भरा है. गौरतलब है कि सिंदूर को भले ही शादी-शुदा हिंदू महिला से जोड़ दिया गया हो, लेकिन यह सिर्फ किसी हिंदू शादी-शुदा महिला के लिए श्रंगार का एक तरीका भर नहीं है. सिंदूर की न सिर्फ धार्मिक-सामाजिक मान्यताएं हैं, बल्कि इसका अपना वैज्ञानिक महत्व भी है. गौरतलब है कि हिंदी फिल्म जगत की खूबसूरत अभिनेत्री रेखा भी मांग में सिंदूर भरती हैं, जबकि वे शादी-शुदा नहीं हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर सिंदूर से क्या-क्या मान्यताएं जुड़ी हैं.

यह भी पढ़ेंः घर में भगवान गणेश की इस प्रतिमा को रखने से होता है शुभ कार्य, रखें इन बातों का ध्यान

सीताजी से जुड़ा है सिंदूर का प्रसंग
सिंदूर को हिंदू शादी-शुदा महिलाओं या कहें सुहागिनों के 16 श्रंगार में से एक माना जाता है. मोटे तौर पर हिंदू शादी-शुदा महिला अपने पति की लंबी उम्र का कामना के लिए ही मांग में सिंदूर भरती है. लेकिन इसकी धार्मिक मान्यताएं सतयुग में रामायण काल से जुड़ी हैं. कहते हैं कि सीताजी हर रोज मांग में सिंदूर भरती थीं. यह देख राम भक्त हनुमानजी ने इसका कारण जानना चाहा, तो उन्होंने जवाब दिया कि मांग में सिंदूर लगाने से पति की उम्र बढ़ती है. यह सुनकर हनुमानजी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लपेटना शुरू कर दिया. बस, तभी से हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाया जाने लगा. साथ ही महिलाएं भी मांग में सिंदूर भरने लगीं

यह भी पढ़ेंः अमरनाथ यात्रा पर जाने की रखते हैं इच्‍छा तो ये खबर आपके लिए ही है

शक्ति प्रतीक पार्वतीजी का है आशीर्वाद
प्राचीन ज्योतिष विधाओं में एक नाम सामुद्रिक शास्त्र का भी है. इसमें कहा गया है कि दोष निवारण के लिए महिलाएं मांग में सिंदूर भर सकती हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सिंदूर का लाल रंग ऊर्जा का प्रतीक है, जो सीधे तौर पर पार्वती जी से ऊर्जा स्रोत को जोड़ता है. इस कारण सिंदूर लगाने से मां पार्वती भी प्रसन्न होती हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं.

यह भी पढ़ेंः कलयुग में रामभक्त हनुमान की ऐसे करें पूजा, मिलेगा हर संकट से छुटकारा

घर में लाए समृ्द्धि और सुख-शांति
अगर आपने गौर किया होगा तो हिंदू पूजा विधि में महिलाएं अक्सर लक्ष्मीजी या अन्य किसी देवी का सिंदूर लगाकर ही पूजन-अर्चन करती हैं. कहते हैं कि माता लक्ष्मी को भी सिंदूर बहुत प्रिय है. पौराणिक कथाओं में लक्ष्मीजी के निवास के जो पांच स्थान बताए गए हैं, उसमें पहला स्थान किसी स्त्री का सिर है, जहां पर सिंदूर लगाया जाता है. सिंदूर के प्रभाव से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि लक्ष्मीजी का सम्मान करने के लिए ही घर-परिवारों में लड़कियों का अपमान नहीं करने की सलाह दी जाती है.

यह भी पढ़ेंः मुंबई में मॉनसून: भारी बारिश से डूबी मायानगरी, सड़कों पर फंसी हजारों गाड़ियां

सिंदूर मस्तिष्क के रोगों को रखता है दूर
चिकित्सकीय शास्त्र के अनुसार पुरुषों की तुलना में महिलाओं के सिर की मांग वाला हिस्सा अधिक संवेदनशील और मुलायम होता है. सिंदूर में पारा होता है, जिससे शरीर की विद्युतीय ऊर्जा नियंत्रित होती है. सिंदूर के प्रभाव से नकारात्मक शक्तियां भी दूर रहती हैं. साथ ही सिरदर्द, अनिद्रा और मस्तिष्क से जुड़े अन्य रोग भी दूर रहते हैं. इसीलिए इन गुणों के कारण भी महिलाओं को शादी के बाद सिंदूर लगाने की सलाह दी जाती है. यही नहीं, पारा उम्र संबंधी लक्षणों को भी रोकने का काम करता है. यानी चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को रोकता है.

First Published: Friday, June 28, 2019 01:56 PM
Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज,ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

RELATED TAG: Sindoor, Married, Hindu Woman, Social Relevance, Spiritual Power,

डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

अन्य ख़बरें

Newsstate Whatsapp

न्यूज़ फीचर

वीडियो

फोटो