कार्तिक पूर्णिमा 2017: भक्तों ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, जानें क्या है मान्यता

इस दिन मां गंगा की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन शिव जी ने त्रिपुरासुर का वध किया था।

  |   Updated On : November 04, 2017 08:41 AM
वाराणसी में गंगा घाट पर उमड़ी भक्तों की भीड़ (ANI)

वाराणसी में गंगा घाट पर उमड़ी भक्तों की भीड़ (ANI)

नई दिल्ली:  

हिंदू पंचाग के मुताबिक एक साल में 16 अमावस्या आती है। सबसे लंबी और काली अमावस्या कार्तिक माह की होती है। इस दिन दिवाली की पूजा होता है। वहीं इस त्योहार के 15 दिन बाद कार्तिक माह की पूर्णिमा आती है, जो रोशनी लेकर आती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का खास महत्व होता है।

इस खास अवसर पर उत्तराखंड में हरिद्वार के घाट पर सुबह-सुबह लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सभी ने आस्था की डुबकी लगाई।

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ठंड होने के बावजूद वाराणसी में भी भारी संख्या में लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई।

क्या है मान्यता

इस दिन मां गंगा की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन शिव जी ने त्रिपुरासुर का वध किया था। यह भी मान्यता है कि सभी देव काशी आकर गंगा माता की पूजा करके देव दिपावली मनाते हैं।

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First Published: Saturday, November 04, 2017 08:33 AM

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