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एक साल...एक क्लास और चार मी लॉर्ड, इतिहास में होगा ऐसा पहली बार

अरविंद सिंह  |   Updated On : September 21, 2019 06:34:38 AM

(Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

साल 1982... दिल्ली यूनिवर्सिटी का कैंपस लॉ सेंटर...वो चारों ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे थे. तब शायद उन्हें भी इस बात का इल्म नहीं रहा होगा कि नियति 37 साल बाद उन्हें एक साथ काम करने का मौका देगी, वो भी देश की सबसे बड़ी अदालत में जज के तौर पर.

जी हां, सोमवार का दिन सुप्रीन कोर्ट में ख़ास रहने वाला है. उस दिन सुप्रीम कोर्ट में चार नए जज शपथ लेंगे. इनमें से दो जज जस्टिस रविन्द्र भट्ट और जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने 1982 में एक साथ कैंपस लॉ सेंटर से ग्रेजुएशन किया है. लेकिन दिलचस्प ये है कि सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही नियुक्त जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजय किशन कौल ने भी कैंपस लॉ सेंटर से 1982 में ही ग्रेजुएशन किया है. यानी सोमवार को जस्टिस रविन्द्र भट्ट और जस्टिस ऋषिकेश रॉय के शपथ ग्रहण के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में चार सहपाठी जज के तौर पर काम करना शुरू कर देंगे. शायद सुप्रीम कोर्ट में इतिहास में ये पहली बार होगा कि इतनी संख्या में कभी सहपाठी रह रहे जज होंगे.

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इन चारों में से सबसे पहले मई 2016 में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट एलिवेट हुए थे. वो 2021 में देश के चीफ जस्टिस भी बनेंगे. इसके बाद जस्टिस संजय किशन कौल फरवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त हुए. गुरुवार को राष्ट्रपति ने जस्टिस रविन्द्र भट्ट और जस्टिस ऋषिकेश राय की नियुक्ति को मंजूरी दे दी और वो सोमवार को शपथ लेंगे.

First Published: Sep 20, 2019 08:49:01 PM
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