निर्भया केस : दोषी मुकेश ने दया याचिका खारिज करने के राष्‍ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

News State Bureau  |   Updated On : January 25, 2020 03:30:46 PM
निर्भया केस : दोषी मुकेश ने दया याचिका खारिज करने के राष्‍ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

दया याचिका खारिज होने के बाद निर्भया का दोषी मुकेश पहुंचा SC (Photo Credit : ANI Twitter )

नई दिल्‍ली :  

निर्भया के दोषी मुकेश कुमार सिंह ने फांसी से बचने के लिए एक और पैंतरा चला है. मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राष्‍ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने के फैसले का चुनौती दी है. मुकेश कुमार सिंह के वकील वृंदा ग्रोवर ने यह जानकारी दी. इससे पहले निर्भया केस (Nirbhaya Gangrape Case) के चार में तीन दोषियों विनय, पवन और अक्षय ठाकुर की ओर से वकील एपी सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली (Delhi) की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल कर तिहाड़ जेल (Tihar Jail) प्रशासन से दोषियों से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने की मांग की थी. शनिवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को कागजात उपलब्ध करा दिए.

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निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा पर अमल के लिए एक फरवरी सुबह 7 बजे का डेथ वारंट जारी हो चुका है, लेकिन फांसी से बचने के लिए दोषी हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. दोषियों के वकील एपी सिंह ने अदालत (Court) में कहा कि जेल प्रशासन को कागजात प्रदान कराने संबंधी निर्देश जारी किए जाएं, जिससे वह फांसी की सजा पाए दोषियों को शेष कानूनी उपचार (उपचारात्मक याचिका और दया याचिका) उपलब्ध करा सके. सुनवाई के दौरान सरकारी वकील इरफान अहमद ने कोर्ट को बताया कि दोषी के वकील की ओर से मांगे गए दस्तावेज पहले ही मुहैया कराए जा चुके हैं. हमारे पास रसीद भी है. अब दोषियों के वकील एपी सिंह गैरजरूरी दस्तावेजों का हवाला देकर जानबूझकर कर मामले को लटकाने की कोशिश कर रहे हैं.

दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा, कुछ कागजात उन्हें शुक्रवार रात साढ़े दस बजे मिले हैं. विनय की डायरी अब तक नहीं मिली है. बाकी दोषियों के मेडिकल रिकॉर्ड भी नहीं मिले है. उन्होंने कहा कि 22 तारीख को हमने विनय से मुलाकात की लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक 160 पेज की विनय की डायरी नहीं मिली. दया याचिका दाखिल करने के लिए डायरी ज़रूरी है. विनय को जेल में धीमा जहर दिया गया. उसके हाथ में फ्रैक्चर हुआ. विनय की हालत अभी ठीक नही हैं.

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एपी सिंह ने कहा, विनय 7 दिन से हड़ताल पर है. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद चीजें साफ हो जाएगी. जेल में रहते हुए विनय ने कुछ पेटिंग भी बनाई. तिहाड़ हाट में उसकी पेंटिंग्स की बिक्री भी हुई. मैंने उनके बारे में जानकारी चाहता हूं कि आखिर उसकी पेंटिंग्स से क्या कमाई हुई. एपी सिंह बोले, सितंबर 2013 में पवन का मंडोली जेल में सिर फोड़ दिया गया, काफी टांके आए. जीटीबी अस्पताल में उसका इलाज हुआ. सरकारी वकील ने कहा कि इस मामले में एपी सिंह पहले ही दिन से वकील हैं. हम सारे जरूरी दस्तावेज दे चुके हैं विनय की जेल में लिखी डायरी (डायरी दरिंदा के नाम से) और उसकी पेंटिंग्स हम कोर्ट में लेकर आये हैं. हम ये अभी पेश कर रहे हैं, इसके अलावा हमारे पास और कोई दस्तावेज नहीं है.

First Published: Jan 25, 2020 03:02:52 PM

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