भारत में हुए विधानसभा चुनावों की अमेरिका में भी गूंज, nytimes.com ने बताया- बीजेपी को बड़ा नुकसान

Sunil Mishra  |   Updated On : December 18, 2018 09:45:24 AM
विधानसभा चुनाव के रिजल्‍ट

विधानसभा चुनाव के रिजल्‍ट (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता और सत्‍तारूढ़ बीजेपी को मिली शिकस्‍त को सात समुंदर पार के मीडिया में भी तरजीह मिली है. nytimes.com ने Reuters की ओर से India's Modi suffers biggest state election loss, boosting opposition शीर्षक से एक आर्टिकल (https://www.nytimes.com/reuters/2018/12/11/world/asia/11reuters-india-election.html) प्रकाशित किया है जिसमें कहा गया है, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्‍ता संभालने के बाद से सबसे बड़ी पराजय है. इसके साथ ही लोकसभा चुनाव से पहले मिली इस जीत से विपक्षी दलों में उत्‍साह का संचार हुआ है.

nytimes.com के अनुसार, हिंदी हार्टलैंड कहे जाने वाले राज्‍यों में बीजेपी की हार से विपक्षी दलों में ऊर्जा का संचार हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्‍यक्‍तिगत रूप से बहुत लोकप्रिय हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार और किसानों को अच्‍दी स्‍थिति न दे पाने के चक्‍कर में उनकी आलोचना हो रही है.  आलेख में कहा गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हार के काफी देर बाद टिवटर पर लिखा, हार और जीत जीवन का सत्‍य है. आज का चुनाव परिणाम भविष्‍य में लोगों की सेवा करने और विकास कार्यों के लिए कठिन मेहनत करने की प्रेरणा देगा.
यह परिणाम ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी को कांग्रेस अध्‍यक्ष बने एक साल हुए हैं ओर वह अगले साल मई तक होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों को लामबंद करने की कोशिशों में जुटे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़ी चुनौती देते दिख रहे हैं.

कांग्रेस ने स्‍वतंत्रता प्राप्‍ति के बाद ज्‍यादातर समय तक देश में शासन किया है, लेकिन 2014 में बीजेपी के सामने धराशायी हो गई थी. तब से लेकर अब तक कांग्रेस राज्‍यों या लोकल बॉडी चुनावों में भी बड़ी सफलता पाने के लिए संघर्ष करती दिख रही थी.  जिस दिन विधानसभा चुनाव का परिणाम आया, उस दिन नई दिल्‍ली स्‍थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा था. कार्यकर्ता डांस कर रहे थे, पटाखे फोड़ रहे थे और राहुल गांधी के समर्थन में पोस्‍टर लहरा रहे थे. राहुल गांधी के समर्थकों का कहना था, हम राज्‍यों में विजन के साथ ऐसी सरकारें देंगे, जिन पर लोग गर्व कर सकेंगे.

कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश पूरे नहीं हुए हैं.  छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस ने 90 सीटों में 68 पर जीती है और बीजेपी 16 पर सिमट गई है. राजस्‍थान में कांग्रेस 199 में से 99 सीट पर जीत का पताका लहराई है, वहीं बीजेपी के हाथ 73 सीटें ही आई हैं. पांच राज्‍यों में सबसे महत्‍वपूर्ण राज्‍य मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस 113 तो BJP को 110 सीटें हाथ लगी हैं, जबकि राज्‍य में 230 सीटों पर चुनाव हुए थे. जबकि अन्‍य दो राज्‍यों तेलंगाना और मिजोरम में क्षेत्रीय पार्टियों ने जीत हासिल की है.

कांग्रेस नेताओं ने कहा, तीनों बड़े राज्‍यों में हम सरकार बनाएंगे, जहां पहले बीजेपी की सरकारें थीं. वहीं बीजेपी का कहना है कि इन राज्‍यों के चुनाव अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों पर असर नहीं डालेंगे. लोकसभा चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं और राज्‍यों के मुद्दे अलग. हालांकि कहा जा रहा है कि नतीजे बीजेपी के खिलाफ उतने नहीं हैं, जितना कि दावा किया जा रहा था. राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अब भी बीजेपी को विपक्ष पर पूरे देश में बढ़त हासिल है. 

लंदन की इकोनॉमिक रिसर्च कंसलटेंसी कैपिटल इकोनॉमिक्‍स ने कहा, यह बीजेपी के लिए निराश करने वाला फैसला जरूर है, पर बीजेपी अगले लोकसभा चुनाव में अपनी जीत को दोहरा सकती है.  एक बीजेपी सांसद संजय कांकड़े ने कहा, हम विकास के मुद्दों को भुलाकर गाय, मुस्‍लिम, राम मंदिर आदि मुद्दों में उलझ गए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में जो वादा किया था, उसे शायद हम भुल गए थे.

First Published: Dec 17, 2018 04:16:25 PM
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