आधार अनिवार्य किए जाने को लेकर चिदंबरम और नारायणमूर्ति में तीखी बहस

चिदंबरम ने कहा कि प्रत्येक लेनदेन के लिए आधार के इस्तेमाल के गंभीर परिणाम होंगे और इससे भारत ऐसे देश में तब्दील हो जाएगा जो समाज कल्याण की दृष्टि से घातक होगा।

  |   Updated On : December 23, 2017 10:27 AM
पी चिदंबरम और नारायणमूर्ति (फाइल फोटो)

पी चिदंबरम और नारायणमूर्ति (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  

आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और आईटी क्षेत्र के दिग्गज एनआर नारायणमूर्ति के बीच बहस छिड़ गई है।

चिदंबरम का मानना है कि सरकार लोगों की निजी ज़िदंगी में हस्तक्षेप कर रही है जो चिंताजनक है। वहीं नारायणमूर्ति ने आधार की वकालत करते हुये निजता के संरक्षण के लिए संसद द्वारा कानून बनाने की वकालत की है।

चिदंबरम ने हर चीज को आधार नंबर से जोड़ने के कदम की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार इस बारे में हर चीज को अनसुना कर रही है। वह हर चीज को आधार से जोड़ना के खिलाफ कुछ भी सुनना नहीं चाहती है।

चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने अपने बैंक खाते को आधार से नहीं जोड़ा है। उन्होंने कहा कि आधार से खातों को जोड़ने की गतिविधियों को 17 जनवरी तक रोका जाना चाहिए, जब पांच न्यायाधीशों की संविधान इस मामले में विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी।

नारायणमूर्ति ने आईआईटी-बंबई के वार्षिक मूड इंडिगो फेस्टिवल को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी आधुनिक देश की तरह ड्राइविंग लाइसेंस के रूप में किसी भी व्यक्ति की पहचान स्थापित की जानी चाहिए।

चारा घोटाला: लालू और जगन्नाथ मिश्रा पर फैसला आज, जानें कब क्या हुआ

चिदंबरम ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस तरह की पहचान से किसी की निजता का उल्लंघन न हो।

चिदंबरम ने कहा कि प्रत्येक लेनदेन के लिए आधार के इस्तेमाल के गंभीर परिणाम होंगे और इससे भारत ऐसे देश में तब्दील हो जाएगा जो समाज कल्याण की दृष्टि से घातक होगा।

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, 'यदि कोई युवा पुरुष और युवा महिला, बेशक शादीशुदा नहीं हैं और वे निजी छुट्टियों मनाना चाहते हैं, तो इसमें गलत क्या है? यदि किसी युवा व्यक्ति को कंडोम खरीदना है तो उसे अपनी पहचान या आधार नंबर देने की क्या जरूरत है?'

PMO का सभी मंत्रालयों को आदेश, स्वदेशी कंपनियों को दें प्रमुखता

चिदंबरम ने सवाल किया, 'सरकार को यह क्यों जानना चाहिये कि मैं कौन सी दवाइयां खरीदता हूं, कौन सा सिनेमा देखता हूं, कौन से होटल जाता हूं और कौन मेरे दोस्त हैं।'

उन्होंने कहा कि यदि मैं सरकार में होता तो मैं लोगों की इन सभी गतिविधियों के बारे में जानने का प्रयास नहीं करता।

इस पर नारायणमूर्ति ने कहा, 'मैं आपसे सहमत नहीं हूं। आज जिन चीजों की बात कर रहे हैं वे सभी गूगल पर उपलब्ध हैं।'

भारत-चीन सीमा पर शांति बनाए रखने पर हुए सहमत

First Published: Saturday, December 23, 2017 07:46 AM

RELATED TAG: Aadhaar, P Chidambaram, Narayana Murthy, Kyc,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो