93 साल पुराने बैंक के इस बड़े फैसले से ग्राहकों पर पड़ेगा ये असर, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

News State Bureau  |   Updated On : April 11, 2019 07:54:07 AM
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नई दिल्ली:  

तमिलनाडु का 93 साल पुराना बैंक अब मुंबई जा रहा है. जी हां तमिलनाडु का 93 साल पुराने लक्ष्मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) का मुंबई की कंपनी इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस में विलय होने जा रहा है. बता दें कि अप्रैल की शुरुआत में विजया बैंक और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में विलय के साथ ही एक अप्रैल को बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है. वहीं लक्ष्मी विलास बैंक का मुंबई की कंपनी इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस में विलय के बाद ग्राहकों पर भी असर पड़ने की संभावना है.

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मौजूदा समय में लक्ष्मी विलास बैंक के देशभर में 569 शाखाएं हैं. 1046 एटीएम और 3600 कर्मचारी काम कर रहे हैं. वहीं इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की देशभर में 220 शाखाएं हैं और इस कंपनी में मौजूदा समय में करीब 8111 कर्मचारी काम कर रहे हैं. विलय होने के बाद बने बैंक को 'इंडियाबुल्स लक्ष्मी विलास बैंक' के नाम से जाना जाएगा. दोनों का संयुक्त लोन बुक 1.23 लाख करोड़ है. बता दें कि पिछले एक साल से लक्ष्मी विलास बैंक बैड लोन की मार झेल रहा है. बैंक को पिछले 5 तिमाही में लगातार नुकसान उठाना पड़ा है. बैंक को कुछ दिन पहले QIP के जरिए फंड जुटाने को मजबूर होना पड़ा है. विलय होने के बाद नए बैंक का मुख्यालय मुंबई में होगा. इंडियाबुल्स के चेयरमैन समीर गहलोत नए बैंक के वाइस चेयरमैन हो सकते हैं. लक्ष्मी विलास बैंक के मौजूदा एमडी और सीईओ पार्थसारथी मुखर्जी के मुताबिक नई डील से बैंक को उड़ान मिलेगी, या कहें तो हमें अमीर पैरेंट्स मिल गए हैं.

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निवेशकों को फायदा
विलय के बाद निवेशकों को लक्ष्मी विलास बैंक के 100 शेयरों के बदले इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के 14 शेयर मिलेंगे. एक्सपर्ट्स बताते हैं पिछले एक महीने के दौरान बैंक के शेयर ने 35 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. ATM, पासबुक और पैसा सब रहेगा सुरक्षित-विलय की प्रकिया से ग्राहकों के अकाउंट में जमा पैसों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. हालांकि इस प्रकिया से पेपरवर्क थोड़ा बढ़ जाएगा. केवाईसी प्रकिया दोबारा हो सकती है और एटीएम, पासबुक अपडेट हो सकती है.

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गौरतलब है कि लक्ष्मी विलास बैंक (LVB) की मार्च 2018 अंत में कुल एसेस्ट्स 40,429 करोड़ रुपये थी. उसके पास 2,328 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि है. दिसंबर 2018 के अंत में इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (IBH) की कुल परिसंपत्ति 1,31,903 करोड़ रुपये की थी और उसकी एकीकृत शुद्ध संपत्ति 17,792 करोड़ रुपये थी. लक्ष्मी विकास बैक ने पिछले महीने QIP के जरिए 460 करोड़ रुपये जुटाए थे.

First Published: Apr 08, 2019 09:52:02 AM
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