कई राज्यों में भूकंप के झटकों से दहशत, देर रात से शुरू झटके सुबह तक जारी रहे

News State Bureau  |   Updated On : July 29, 2019 01:32:40 PM
प्रतिकात्‍मक चित्र

प्रतिकात्‍मक चित्र (Photo Credit : )

नई दिल्‍ली:  

बाढ़, बारिश और पानी की मनमानी से जूझ रहे देश के कई राज्‍यों में रविवार रात भूकंप (Earthquake) के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई. देर रात से शुरू हुए भूकंप (Earthquake) के झटकों का सिलसिला सोमवार सुबह तक जारी रहा.सबसे पहले जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में भूकंप (Earthquake) आया, इसके बाद पश्चिम बंगाल (West Bengal) और फिर हिमाचल में भी झटके महसूस किए गए.जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में देर रात 12.54 पर भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. मौसम विभाग के मुताबिक रिक्टर स्केल (Reactor Scale ) पर भूकंप (Earthquake) की तीव्रता 3.2 नापी गई. इस वजह से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

दूसरा झटका पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पुरूलिया में रात 2.55 पर महसूस किया गया.यहां भूकंप (Earthquake) की तीव्रता रिक्टर स्केल (Reactor Scale ) पर 4.0 दर्ज की गई है. फिलहाल किसी के हताहत होने और किसी भी तरह के नुकसान की कई खबर नहीं है.

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हिमाचल प्रदेश के लाहैल-स्पीति में सुबह 9.03 मिनट पर भूकंप (Earthquake) आया.मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप (Earthquake) की तीव्रता रिक्टर स्केल (Reactor Scale ) पर 4.3 की दर्तीज की गई.यहां भी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

क्या होता है रिक्टर स्केल (Reactor Scale )

भूकंप (Earthquake) के समय भूमि में हुई कंपन को रिक्टर स्केल (Reactor Scale ) या मैग्नीट्यूड कहा जाता है.रिक्टर स्केल (Reactor Scale ) का पूरा नाम रिक्टर परिणाम परीक्षण ( रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल ) है.भूकंप (Earthquake) की तीव्रता रिक्टर स्केल (Reactor Scale ) पर जितनी ज्यादा होती है, भूमि में उतना ही अधिक कंपन होता है.

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जैसे-जैसे भूकंप (Earthquake) की तीव्रता बढ़ती है नुकसान भी ज्यादा होता है.जैसे रिक्टर स्केल (Reactor Scale ) पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप (Earthquake) ज्यादा नुकसान करेगा.वहीं 3 या 4 की तीव्रता वाला भूकंप (Earthquake) हल्का होगा.

भूकंप (Earthquake) की तीव्रता और असर

  • 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप (Earthquake) का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है.
  • 2 से 2.9 की तीव्रता वाले भूकंप (Earthquake) से सिर्फ हल्की कंपन होती है.
  • 3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप (Earthquake) के दैरान ऐसा लगता की कोई ट्रक आपके बगल से गुजरा हो.
  • 4 से 4.9 की तीव्रता वाला भूकंप (Earthquake) खिड़कियां तोड़ सकता हैं.
  • 5 से 5.9 की तीव्रता पर घर का सामान हिल सकता है.
  • 6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप (Earthquake) से इमारतों की नींव में दरार आ सकती है.
  • 7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप (Earthquake) इमारतों को गिरा सकता है.
  • 8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप (Earthquake) आने पर बड़े पुल भी गिर सकते हैं.
  • 9 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप (Earthquake) पूरी तरह से तबाही मचा सकते हैं.अगर समंदर नजदीक हो तो सुनामी भी आ सकती है.
First Published: Jul 29, 2019 01:28:47 PM
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