दुर्घटना, आत्महत्या से 5 सालों में CAPF के 2,200 कर्मियों की मौत

Bhasha  |   Updated On : January 19, 2020 11:54:47 AM
दुर्घटना, आत्महत्या से 5 सालों में CAPF के 2,200 कर्मियों की मौत

दुर्घटना, आत्महत्या से CAPF के 2,200 कर्मियों की मौत (Photo Credit : प्रतिकात्मक तस्वीर )

दिल्ली:  

देश में 2014 से 2018 के बीच पांच वर्ष में आत्महत्या और दुर्घटनाओं के कारण केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के करीब 2,200 जवानों की मौत हुई है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार 2018 में हादसों में सीएपीएफ के 104 जवानों की मौत हुई जबकि 28 लोगों ने आत्महत्या कर ली. इस साल कुल 132 लोगों की मौत हुई. ब्यूरो ने 2014 में पहली बार सीएपीएफ संबंधी यह आंकड़ा एकत्र किया था. उस साल दुर्घटना के कारण 1,232 जवानों की मौत हुई थी और 175 लोगों ने आत्महत्या की थी.

यह भी पढ़ें: सावधान! गणतंत्र दिवस से पहले Delhi-NCR को दहलाने की ISI रच रही साजिश, बना रहे ये प्लान

ब्यूरो ने बताया कि दुर्घटना के कारण 2015, 2016 और 2017 में 193, 260 और 113 कर्मियों की मौत हुई जबकि 2015 में 60, 2016 में 74 और 2017 में 60 लोगों ने आत्महत्या की. आंकड़ों के अनुसार 2014 से 2018 के बीच हादसों में 1,902 और आत्महत्या के कारण 397 जवानों की मौत हुई, यानि कुल 2,199 जवान मारे गए. एनसीआरबी ने सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल के अलावा असम राइफल्स और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के आंकड़ों को शामिल किया है.

यह भी पढ़ें: Delhi Assembly Elections 2020: BSP ने जारी की 42 उम्मीदवारों कि लिस्ट

एनआरसीबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी 2018 को सीएपीएफ के जवानों की वास्तविक संख्या 9,29,289 थी. एनसीआरबी के अनुसार सीएपीएफ के जवानों की हादसे में हुई मौत के कारणों का यदि विश्लेषण किया जाए, तो पता चलता है कि 2018 में 31.7 प्रतिशत (104 में से 33 लोगों की) मौत ‘अभियान या मुठभेड़ या कार्रवाई के दौरान हुईं’. इसके बाद 21.2 प्रतिशत (22 जवानों की मौत ‘अन्य कारणों से हुई’. सड़क और रेल हादसों के कारण इनमें से 20.2 प्रतिशत जवानों की जान गई.

First Published: Jan 19, 2020 11:53:20 AM

न्यूज़ फीचर

वीडियो