अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास रह रहे लोगों की बेहतरी के लिए केंद्र देगा सहयोग

केंद्रीय मंत्री ने 17 राज्यों में चलाए जा रहे मौजूदा विकास कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कहा, 'सीमा आबादी देश की रणनीतिक धरोहर और सीमा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण तत्व है।'

  |   Updated On : July 12, 2018 09:01 PM
राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री (आईएएनएस)

राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री (आईएएनएस)

नई दिल्ली:  

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिह ने गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास रह रहे लोगों के सामाजिक व आर्थिक बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के अंतर्गत 'राज्यों को सहायता प्रदान करता रहेगा।'

केंद्रीय मंत्री ने 17 राज्यों में चलाए जा रहे मौजूदा विकास कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कहा, 'सीमा आबादी देश की रणनीतिक धरोहर और सीमा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण तत्व है।'

उन्होंने सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सभी प्रयास करने को कहा, ताकि ये लोग लगातार सीमावर्ती गांवों में रह सकें ।

बीएडीपी को 17 राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में लागू किया गया था।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजनाथ सिंह ने सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) की समीक्षा के लिए 'फील्ड स्तर' के अधिकारियों के साथ चर्चा की।

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गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, 'राजनाथ सिंह ने केंद्र को कार्यक्रमों को लागू कर और इसे अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित मुद्दे पर बातचीत के अलावा बीएडीपी के अंतर्गत बुनियादी ढांचे और विकास गतिविधियों को मजबूत करने के लिए राज्यों को लगातार सहायता देने का आश्वासन दिया।'

बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, 'जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त फंड मुहैया कराए जाएंगे। सभी मॉडल गांवों में बुनियादी सुविधाएं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्र, संपर्क, स्वच्छ पानी मुहैया कराया जाएगा।'

हजारों लोग अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से सटे अनधिगम्य क्षेत्रों में रहते हैं। बीएडीपी के अंतर्गत राज्यों को 100 प्रतिशत 'नन-लेपसेबल' विशेष केंद्रीय सहायता दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में इसके लिए 770.97 करोड़ रुपये जारी किए जाने का अनुमान है।

इस कार्यक्रम के व्यय को 2015-16 के 990 करोड़ से बढ़ाकर 2017-18 में 1,100 करोड़ कर दिया गया। सीमावर्ती गांवों का संपूर्ण और सर्वागीण विकास करने के लिए 61 मॉडल गांवों विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिसके अंतर्गत 126 करोड़ रुपये राज्य सरकारों को जारी किए गए हैं।

बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर और किरन रिजीजू, गृह सचिव राजीव गौबा, विशेष सचिव सीमा प्रबंधन बी आर शर्मा और गृह मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

बीएडीपी के अंतर्गत सीमा से सटे 17 राज्यों के 111 जिले आते हैं। इसके तहत अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के विशेष विकास जरूरतों को पूरा किया जाता है।

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First Published: Thursday, July 12, 2018 08:50 PM

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