नासा का यान 'कैसिनी' यान अंतरिक्ष में जाकर जलकर हुआ खाक, देखें तस्वीरें

Updated On : Sep 15, 2017 20:32 PM

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान  कैसिनी

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान कैसिनी

सौर मंडल के तीसरे सबसे बड़े ग्रह शनि और उसके रहस्मय वलयों व चंद्रमाओं की अहम जानकारी जुटाने वाले कासिनी ने 11 लाख 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार के साथ शनि के वायुमंडल में प्रवेश किया और चंद सेंकेडों में जलकर नष्ट हो गया।

कैसिनी

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शनि के वायुमंडल में अपनी अंतिम यात्रा शुरू करने के साथ कासिनी ने भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे शनि और उसके वायु मंडल की अंतिम तस्वीरें और रेडियो सिग्नल पृथ्वी पर भेजे। ये आखिरी संदेश नासा के आस्ट्रेलिया में कैनबरा स्थित डीप स्पेस सेंटर में एक घंटे 23 मिनट पर पहुंचेगे। शनि से पृथ्वी की दूरी एक अरब मील होने के कारण प्रकाश की गति से पृथ्वी पर पहुंचने में भी इन्हें इतना समय लगेगा।

कैसिनी

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वैज्ञानिकों का ऐसा मानना था कि ईंधन खत्म हो चुके इस यान को अगर यूं ही छोड़ दिया जाता तो उसके शनि के चंद्रमा टाइटन या फिर पॉलीड्यूसेस से टकराने की आशंका थी। वैज्ञानिकों के अनुसार वह ऐसा नहीं चाहते थे क्योंकि शनि के इन दोनों चंद्रमाओं पर जीवन के अंश होने की प्रबल संभावनाएं हैं जिसे किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने का खतरा वे नहीं उठाना चाहते थे।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान  कैसिनी

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अंतरिक्ष यान कैसिनी शुक्रवार को एक लाख 13 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ग्रह पर अंतिम गोता लगाएगा और जलकर राख हो जाएगा। इसके साथ कैसिनी का 20 साल लंबा सफर खत्म हो जाएगा।

कैसिनी

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कैसिनी प्रोजेक्ट मैनेजर अर्ल मेज ने कहा, 'हम यह जानते हैं कि कैसिनी की यह अंतिम यात्रा है, क्योंकि कासिनी पहले ही अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच गया है. हालांकि उसकी यात्रा हकीकत में हमारे लिये खत्म नहीं हुई है क्योंकि हमें अब तक उससे संकेत मिल रहे हैं।'

कैसिनी

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कैसिनी ने अभियान के अंतिम चरण में शनि व उसके वलयों के बीच अप्रैल के अंत में पहला गोता लगाया था। इससे पहले कोई भी यान शनि ग्रह के इतना करीब नहीं गया। अनुमान है कि शनि के वायुमंडल में प्रवेश के चंद क्षणों बाद अमेरिकी समयानुसार शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे कैसिनी का धरती से संपर्क टूट जाएगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान  कैसिनी

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नासा, इएसए और इटली की अंतरिक्ष एजेंसी स्पाजियाले इटालिना द्वारा साथ मिलकर भेजा गया था। इसे 1997 में 15 अक्टूबर को लांच किया गया था और 2004 में 30 जून को इसने शनि की कक्षा में प्रवेश किया था। कैसिनी का मिशन चार साल का निर्धारित किया गया था। लेकिन यह बढ़िया काम कर रहा था, जिसे देखते हुए इसका मिशन दो बार बढ़ाया गया।

कैसिनी

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नासा ने एक बयान में कहा, 'नासा ने अंतरिक्ष यान को शनि के वातावरण में सुरक्षित रूप से नष्ट करने का फैसला किया है, नहीं तो किसी न किसी दिन कैसिनी की टक्कर शनि के चंद्रमाओं से किसी के साथ हो सकती है।'

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