तो 2019 में रामविलास पासवान लगाएंगे NDA की नैया पार, जानें क्या है प्लान

  |   Updated On : August 12, 2018 09:37 PM
2019 में रामविलास पासवान लगाएंगे NDA की नैया पार

2019 में रामविलास पासवान लगाएंगे NDA की नैया पार

नई दिल्ली:  

2019 के आम चुनावों को लेकर तैयारी जोर-शोर पर है। लोकसभा चुनावों को देखते हुए विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस लगातार SC/ST से जुड़े मामलों को लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर हमला कर रही है। हाल के दिनों में हमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली। जिस पर शाह ने राहुल को सही तथ्यों की जांच करने की सलाह भी दे डाली।

जिस पर राहुल ने भी ट्वीट कर पलटवार किया कि दलितों के खिलाफ अपराध के मामले पर बीजेपी शासित राज्य टॉप पर हैं।

अब विपक्ष के इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए NDA की ओर से केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को दिया गया है। पार्टी के मुखिया पासवान इसके लिए एक खास अभियान शुरू करने वाले हैं और इसके लिए उन्होंने एक खास कार्य-योजना भी तैयार की है।

रामविलास पासवान ने योजना बनाई है कि एनडीए सरकार की तरफ से वो देश के विभिन्न हिस्सों में जाएंगे और दलित हित में उठाए गए कदमों की जानकारी प्रदान करेंगे। 

2019 आम चुनावों से पहले पासवान की यह कवायद एक तरह से विपक्षी के लिए जवाबी कार्यवाही के तौर पर देखी जा रही है।

एलजेपी सेक्रटरी जनरल अब्दुल खलिक ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि रामविलास पासवान के नेतृत्व में उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और कर्नाटक सहित देश के अन्य राज्यों में कार्यक्रम आयोजित करेगी।

इनमें से कई कार्यक्रमों में खुद रामविलास पासवान भी मौजूद रहेंगे। हालांकि बिहार से बाहर एलजेपी का कोई खास प्रभाव नहीं है लेकिन बीजेपी को लगता है कि पासवान जैसे दलित सहयोगियों का मुखर होना एनडीए को फायदा पहुंचाएगा।

बीजेपी ने खासकर दलित और आदिवासी तबके से आने वाले अपने नेताओं को अपने समुदाय तक पहुंच बनाने का निर्देश दिया है।

बीजेपी ने यह कदम संसद से एससी-एसटी ऐक्ट संशोधन बिल के पास होने के बाद उठाया है।

गौरतलब है कि गुरुवार को सदन में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए मोदी सरकार ने यह बिल पास कराया है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े प्रदेशों में दलित वोट काफी अहम हैं। महागठबंधन की चुनौती झेलने के लिए बीजेपी इन प्रदेशों में अपने वोट शेयर में इजाफा करने की कोशिशों में जुटी हुई है।

उत्तर प्रदेश प्रदेश में जहां इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी एसपी और बीएसपी साथ आए हैं, वहीं बिहार में लालू यादव की आरजेडी ने जीतन राम मांझी और उदय नारायण चौधरी जैसे दलित नेताओं को अपने पाले में खींचा है। ऐसे में एनडीए की तरफ से रामविलास पासवान ने आक्रमण का जिम्मा संभाला है।

उन्होंने शनिवार को विपक्षी दलों के दलित समर्थक गोने के दावे पर सवाल उठाए और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से 14 सवाल पूछे।

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