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पद्मावती विवाद: शशि थरूर बोले, 'फिल्म के बजाए राजस्थानी महिलाओं की साक्षरता पर ध्यान दें'

रिलीज के दिनों से संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' से मुसीबत के बादल छटने का नाम नहीं ले रहे है। बॉलीवुड के समर्थन के बाद कांग्रेस नेता के सुर भी बदले हुए नजर आ रहे है।

Updated on: 14 Nov 2017, 11:32 AM

नई दिल्ली:

रिलीज के दिनों से संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' से मुसीबत के बादल छटने का नाम नहीं ले रहे है बॉलीवुड के समर्थन के बाद कांग्रेस नेता के सुर भी बदले हुए नजर आ रहे है

फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की आलोचना करने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए शशि थरूर ने कहा कि फिल्म पर विवाद राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने का एक मौका है और शिक्षा 'घूंघट' या सिर पर पर्दे से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

थरूर ने ट्वीट कर कहा, 'पद्मावती' विवाद आज राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का एक मौका है, न कि छह शताब्दी पुरानी महारानियों पर ध्यान केंद्रित करने का। राजस्थान की महिला साक्षरता दर सबसे कम है। शिक्षा 'घूंघट' से ज्यादा जरूरी है।'

'पद्मावती' 1 दिसंबर को रिलीज हो रही है। फिल्म के विषय के कारण कुछ समूह इसका विरोध कर रहे हैं। खासकर राजपूत मुख्य रूप से दावा कर रहे हैं कि फिल्म इतिहास को बिगाड़ रही है और रानी पद्मावती का गलत चित्रण कर रही है, जबकि भंसाली ने इससे इनकार किया है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक पत्र में केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) सलाहकार समिति के सदस्य और भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने कहा है कि भंसाली को 'देशद्रोह' के लिए दंडित किया जाना चाहिए।

सर्वोच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है।

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