मोदी के कोलंबो दौरे का असर: श्रीलंका ने अपने बंदरगाह में चीन की पनडुब्बी रखने की अपील की खारिज

News State Bureau  |   Updated On : May 11, 2017 10:55:57 PM
मोदी के कोलंबो दौरे का असर: श्रीलंका ने अपने बंदरगाह में चीन की पनडुब्बी रखने की अपील की खारिज

चीन की पनडुब्बी को श्रीलंका के बंदरगाह में नहीं मिली जगह (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

श्रीलंका ने चीन की एक पनडुब्बी को कोलंबो के बंदरगाह में इस महीने रखने को लेकर की गई अपील को खारिज कर दिया है। बता दें कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका के दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे हैं।

श्रीलंका ने अक्टूबर 2014 में आखिरी बार किसी चीनी पनडुब्बी को कोलंबो बंदरगाह पर रखने की इजाजत दी थी जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया था।

श्रीलंका सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोलंबो में एक चीनी पनडुब्बी को रखने की पेइचिंग की अपील को खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका चीन की पनडुब्बी को किसी भी समय कोलंबो में रखने की अपील से 'सहमत नहीं था'।

इस संबंध में उन्होंने भारत की चिंताओं का भी जिक्र किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी ने अपना नाम नहीं बताया।

चीनी मीडिया ने चेताया, भारत की तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था चीन के लिए ख़तरा

श्रीलंका सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोलंबो में एक चीनी पनडुब्बी को रखने की पेइचिंग की अपील को खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका चीन की पनडुब्बी को किसी भी समय कोलंबो में रखने की अपील से 'सहमत नहीं था'। इस संबंध में उन्होंने भारत की चिंताओं का भी जिक्र किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी ने अपना नाम नहीं बताया।

रक्षा मंत्रालय के एक और अधिकारी ने चीन की पनडुब्बी को कोलंबो के डॉकयार्ड में रखे जाने की अपील को खारिज किए जाने की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने कहा कि भविष्य में पनडुब्बी को रखे जाने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है।

तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद चीन- भारत के बीच बढ़ रहा व्यापार, पाकिस्तान सरकार भी ले सबक: पाक मीडिया

अधिकारी ने कहा, 'ऐसा बाद में हो सकता है।' उन्होंने बताया कि चीन ने 'कुछ दिन पहले' 16 मई के आसपास पनडुब्बी को बंदरगाह पर रखे जाने के लिए स्वीकृति मांगी थी। चीन के दूतावास के एक नजदीकी सूत्र ने इस बात की पुष्टि की है कि चीन ने अपनी पनडुब्बी को कोलंबो में रखने के लिए श्रीलंका से अपील की थी, लेकिन उसे अभी श्रीलंका के जवाब का इंतजार है।

हाल के सालों में चीन ने श्रीलंका में एयरपोर्ट्स, सड़कें, रेलवे और बंदरगाह के निर्माण के लिए काफी निवेश किया है। दरअसल चीन भारत के लिए (आर्थिक) अस्थिरता पैदा करना चाहता है जो पारंपरिक रूप से श्रीलंका का आर्थिक साझेदार रहा है।

श्रीलंका में कूड़े का ढेर ढहने से 20 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा लोगों को घर खाली करने को कहा गया

कोलंबो में 70 प्रतिशत जहाजों की आवाजाही भारत से होती है। वहीं श्रीलंका घाटे में चल रहे अपने हैमबैनटोटाटा बंदरगाह को चीन को 99 साल के लिए किराए पर देने की योजना पर अंतिम फैसला लेने जा रहा है, हालांकि ट्रेड यूनियनों के विरोध की वजह से डील में देरी हो रही है।

आईपीएल 10 से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए यहां क्लिक करें

मनोरंजन की खबर के लिए यहां क्लिक करें

First Published: May 11, 2017 10:42:00 PM

न्यूज़ फीचर

वीडियो