US ने विदेशी राजनयिकों की J&K यात्रा को बताया महत्वपूर्ण, लेकिन नेताओं की नजरबंदी व इंटरनेट बैन...

Bhasha  |   Updated On : January 12, 2020 07:30:41 PM
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo Credit : न्यूज स्टेट )

वाशिंगटन:  

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका समेत 15 देशों के राजनयिकों की हाल की जम्मू-कश्मीर यात्रा को शनिवार को ‘महत्वपूर्ण कदम’ करार दिया, लेकिन नेताओं को लगातार नजरबंद रखे जाने और इंटरनेट पर पाबंदी पर चिंता जाहिर की. संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को प्राप्त विशेष दर्जा को केंद्र सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को वापस ले लिया था और राज्य को दो केंद्र शाषित प्रदेशों में बांट दिया था. उसके बाद वहां पाबंदियां लगा दी गयी थीं.

पिछले साल पांच अगस्त सरकार द्वारा उठाए गए कदम के बाद पहली बार अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर समेत 15 देशों के राजनयिकों ने पिछले सप्ताह जम्मू कश्मीर की यात्रा की थी. यहां उन्होंने कई राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों, नागरिक संस्थाओं के सदस्यों और सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ मुलाकात की. हालांकि इस यात्रा को लेकर सरकार पर आरोप लग रहा है कि यह ‘निर्देशित यात्रा’ है लेकिन सरकार इससे इनकार कर रही है.

दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों की प्रधान उप सहायक विदेश मंत्री एलिस जी वेल्स ने शनिवार को उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र में स्थिति सामान्य होगी. वेल्स इस सप्ताह दक्षिण एशिया की यात्रा पर आने वाली हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि वह भारत में अमेरिकी राजदूत तथा अन्य विदेशी राजनयिकों की जम्मू-कश्मीर यात्रा पर बारीकी से नजर रखी हुई हैं. यह एक महत्वपूर्ण कदम है. हम नेताओं, लोगों को हिरासत में लिए जाने और इंटरनेट पर प्रतिबंध से चिंतित हैं. हमें उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होगी.

वेल्स रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने के लिए 15-18 जनवरी तक नई दिल्ली की यात्रा पर होंगी. वह 2019 के अमेरिका-भारत 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता की सफलता के बाद अमेरिका भारत रणनीतिक वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगी और व्यापारिक समुदाय एवं नागरिक संस्थाओं के सदस्यों के साथ परस्पर हित के विषयों पर चर्चा करेंगी. वह नयी दिल्ली से इस्लामाबाद जायेंगी जहां वह पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों एवं नागरिक संस्थाओं के सदस्यों के साथ द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय चिंता के विषयों पर चर्चा करेंगी.

अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के भारत के फैसले पर पाकिस्तान ने राजनयिक संबंध घटा दिया था और भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेज दिया था. भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कह चुका है कि यह उनका निजी मामला है. उसने पाकिस्तान को सच्चाई स्वीकार करने और भारत विरोधी प्रचार बंद करने की सलाह भी दी.

First Published: Jan 12, 2020 07:30:41 PM
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