BREAKING NEWS
  • हेलीकॉप्टर घोटाला: ईडी ने अदालत से राजीव सक्सेना की जमानत रद्द करने का किया अनुरोध- Read More »
  • चंद्रयान-2 समय पर लांच नहीं होने के बावजूद भी वैज्ञानिकों ने इसरो की तारीफ की, जानिए क्या है वजह- Read More »
  • साेते समय इन 16 बातों का अगर नहीं रखते ध्‍यान तो आपको बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता - Read More »

चीनी सेना ने फिर की भारतीय सीमा में घुसपैठ, इस बार लद्दाख को बनाया निशाना

News State Bureau  |   Updated On : July 12, 2019 05:26 PM
सांकेतिक चित्र

सांकेतिक चित्र

ख़ास बातें

  •  लद्दाख के पूर्वी डेकचोम में भारतीय सीमा में घुसे चीनी सैनिक.
  •  6 किलोमीटर तक भीतर घुस चीनी सैनिकों ने फहराया चीनी झंडा.
  •  दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों को लग सकता है झटका.

नई दिल्ली.:  

एक तरफ तो मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में कूटनीति को लेकर आक्रामक है, वहीं चीन ने उसे फिर आंखे दिखाने का काम किया है. अगर मीडिया रिपोटर्स की मानें तो डोकलाम गतिरोध के लगभग दो साल बाद चीन ने फिर एक बार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है. जानकारी के मुताबिक इस बार पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने लद्दाख में भारतीय सीमा के 6 किलोमीटर अंदर तक प्रवेश कर चीनी झंडा लहराया. गौरतलब है कि इन दिनों लद्दाख के स्थानीय निवासी धर्मगुरु दलाई लामा का जन्मदिन मना रहे थे.

यह भी पढ़ेंः करतारपुर कॉरिडोर को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए भारत 500 करोड़ रुपये खर्च करेगा

पूर्वी डेमचोक की सरपंच ने की पुष्टि
एक रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख में पूर्वी डेमचोक की सरपंच उरगेन चोदोन ने चीनी सेना के घुसपैठ की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चीनी सैनिक सैन्‍य वाहनों में भारतीय सीमा में आए और वहां चीनी झंडा लहराया. सरपंच ने बताया कि चीन के सैनिक ऐसे समय पर इस इलाके में आए, जब स्‍थानीय लोग दलाई लामा का जन्‍मदिन मना रहे हैं. उरगेन ने बताया कि चीन के सैनिकों का डेमचोक में आना चिंता की बात है. चीन इस तरह की गतिविधि को अंजाम देकर भारत पर दबाव बढ़ाना चाहता है ताकि अगर कभी बातचीत हो तो उस समय इस क्षेत्र पर अपना दावा किया जा सके.

यह भी पढ़ेंः SBI ने अपने ग्राहकों को दी बड़ी राहत, 1 अगस्त से इन सेवाओं का मुफ्त में उठाइए लाभ

नियंत्रण रेखा पर अभी भी लगे हैं चीन के दो टेंट
गौरतलब है कि चीन ने ऐसा पहली बार नहीं किया है. यहां वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर एक नाले के पास अभी भी चीन के दो टेंट लगे हुए हैं. अगस्‍त 2018 में चीन ने इस क्षेत्र में घुसपैठ की थी और कई टेंट स्‍थापित किए थे. भारत विरोध के बाद उसने कई टेंट हटाए लेकिन अभी भी दो टेंट वहां मौजूद हैं. यही नहीं, चीन ने सीमा के उस पार बड़ी संख्‍या में सड़कें बना कर आधारभूत ढांचे को मजबूत किया है.

यह भी पढ़ेंः गुजरात: मानहानि के केस में राहुल गांधी को मिली जमानत, बोले- मुझ पर गलत आरोप लगे हैं

इसके पहले 73 दिन चला था डोकलाम गतिरोध
यहां यह नहीं भूलना चाहिए कि पीएम मोदी और चीनी राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग के बीच 27-28 अप्रैल को वुहान में हुई बैठक को दि्वपक्षीय संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक करार दिया जा रहा है. खासकर 73 दिन चले डोकलाम गतिरोध के चलते दोनों देशों में तनाव चरम पर था. चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सीमा के करीब उस क्षेत्र में एक सड़क बनाने का प्रयास किए जाने के बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया था जिस पर 2017 में भूटान ने भी दावा किया था. वुहान शिखर सम्मेलन के बाद ही दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में संबंध सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था.

यह भी पढ़ेंः World Cup में 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' की रेस में ये 5 खिलाड़ी हैं सबसे आगे, ये हैं प्रबल दावेदार

भारतीय सेना ने घुसपैठ को नकारा
हालांकि भारतीय सेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की भारतीय सीमा में घुसपैठ का खंडन किया है. भारतीय सेना का कहना है कि चीन की सेना के जवान वर्दी की बजाय साधारण पोशाकों में साधारण वाहनों में आए थे. यही नहीं, सार्वजनिक वाहनों से आए चीनी सैनिकों ने डेमचोक की सीमा भी पार नहीं की. वे नियंत्रण रेखा के उस पार ही रहे.

First Published: Friday, July 12, 2019 05:10 PM
Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज,ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

RELATED TAG: China People Libration Army, Infiltrate, Indian Border, Ladahk, Doklam Crisis,

डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

अन्य ख़बरें

Newsstate Whatsapp

न्यूज़ फीचर

वीडियो

फोटो