मनमोहन सिंह ने भी पाकिस्‍तान पर हमला करने के बारे में सोच लिया था, इस बड़े नेता ने किया दावा

न्यूज स्टेट ब्यूरो  |   Updated On : September 20, 2019 07:55:24 AM
अगर पाकिस्तान 26/11 जैसी एक गलती करता तो हमला कर देता भारत

अगर पाकिस्तान 26/11 जैसी एक गलती करता तो हमला कर देता भारत (Photo Credit : )

ख़ास बातें

  •  ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने माना है कि पाकिस्तान 26/11 जैसी गलती दुबारा करता तो भारत उसपर हमला कर देता.
  •  डेविड कैमरन ने गुरुवार को अपनी किताब 'फॉर द रिकॉर्ड' (For the Record) के विमोचन कर रहे थे.
  •  इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी तारीफ की.

नई दिल्ली:  

ब्रिटेन (Britain) के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन (Former Prime Minister David Cameron) ने माना है कि 26/11 जैसी गलती अगर पाकिस्तान (Pakistan) दुबारा करता तो भारत (India), पाकिस्तान (Pakistan) के ऊपर हमला तक कर सकता था. डेविड कैमरन ने गुरुवार को अपनी किताब 'फॉर द रिकॉर्ड' (For the Record) के विमोचन के दौरान 2010 से 2016 के बीच के दौर को याद करते हुए बताई. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान की ओर से सिर्फ एक गलती के इंतजार में थी.

इस दौरान कैमरन ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) के साथ मेरे संबंध अच्छे रहे हैं. वह एक शांत स्वभाव के आदमी हैं  लेकिन भारत के खतरों के प्रति वह कड़ा रुख भी रखते थे. उन्होंने मुझसे भारत दौरे के दौरान कहा था कि मुंबई में 2008 के आतंकवादी हमले की तरह यदि पाकिस्तान कोई दूसरा आतंकी हमला करता है तो भारतीय सेना पाकिस्तान पर फौजी कार्यवाही करेगी. 

यह भी पढ़ें: दिल्ली : विदेशी 2 करोड़ के सोना सहित हवाईअड्डे से गिरफ्तार

अपनी किताब 'फॉर द रिकॉर्ड' में कैमरन ने अपने जीवन के 52 सालों के निजी और व्यावसायिक घटनाक्रम को दिखाने की कोशिश की है. इस किताब में 2010 से  लेकर 2016 के बीच के समय का खास तौर पर खासतौर पर उल्लेख है. यह वही समय था जब कैमरन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे.

कैमरन ने बताया कि India के संदर्भ में मैंने कहा था कि हमें आधुनिक सहभागिता की जरूरत है न कि औपनिवेशिक अपराध की भावना की. यह सहभागिता दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ होनी चाहिए. Britain के कई सफल व्यवसायी और सांस्कृतिक हस्तियां भारतीय मूल के रहे हैं और इस प्रयास में वे काफी सहायक साबित हो सकते हैं.'

यह भी पढ़ें: जम्‍मू-कश्‍मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय बेइज्‍जती, भारत ने भी दिया करारा जवाब

कैमरन ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की भी तारीफ की. उन्होंने नवंबर में वेम्बले स्टेडियम में संबोधन के दौरान स्टेज पर पीएम मोदी को गले लगाया था, डेविड ने इस मौके को भी याद किया. उन्होंने कहा, 'कई क्षण ऐसे रहे जिसमें वेम्बले स्टेडियम में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी भीड़ का इकट्ठा होना भी शामिल है.'

कैमरन ने आगे बताया कि मोदी के संबोधन से पहले मैंने करीब साठ हजार लोगों से कहा था कि मुझे लगता है कि किसी दिन 10 डाउनिंग स्ट्रीट में भारतीय मूल का ब्रिटिश व्यक्ति प्रधानमंत्री के तौर पर आएगा. इसके बाद लोगों की भीड़ ने चिल्लाकर इस बात का स्वागत किया, ये पल अद्भुत था. जैसे ही स्टेज पर मोदी और मैंने एक-दूसरे को गले लगाया मुझे उम्मीद जगी कि यह ब्रिटेन द्वारा दुनिया को खुले हृदय से स्वागत करने का संकेत देगा.'

यह भी पढ़ें: अनुच्छेद 370 को लेकर बौखलाए पाकिस्तान ने की ये बड़ी चूक, SCO में अपने इवेंट में भारत को नहीं भेजा न्योता

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने भारत दौरे को दुबारा याद करते हुए मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में घूमने की बात भी की. अपनी किताब में उन्होंने अमृतसर के ऐतिहासिक स्वर्ण मंदिर के दौरे का भी जिक्र भी है. बता दें कि डेविड कैमरन ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने जालियांवाला बाग नरसंहार पर दुख जताया था.

कैमरन ने अपनी किताब में लिखा है, 'काफी समय से ब्रिटिश भारतीय समुदाय के मित्र प्रोत्साहित कर रहे थे कि मैं अमृतसर में स्वर्ण मंदिर जाऊं. सिखों के पवित्र स्थल पर औपनिवेशिक काल में ब्रिटेन के सैनिकों ने एक शांतिपूर्ण बैठक पर गोलीबारी की थी जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.' उन्होंने कहा, 'कोई भी वर्तमान प्रधानमंत्री अभी तक अमृतसर नहीं पहुंचा था और जो हुआ उस पर दुख व्यक्त नहीं किया था. मैं दोनों चीजों को बदलना चाहता था.'

यह भी पढ़ें: अनुच्छेद 370 को लेकर बौखलाए पाकिस्तान ने की ये बड़ी चूक, SCO में अपने इवेंट में भारत को नहीं भेजा न्योता

उन्होंने लिखा है कि मेरे दौरे से पहले इस बात को लेकर विवाद था कि मुझे जलियावाला बाग हत्या कांड में जताना चाहिए अथवा नहीं. लेकिन मुझे महसूस हुआ कि शहीद स्मारक की संवेदना पुस्तिका में जिसे मैंने ब्रिटेन के इतिहास में काफी शर्मनाक घटना बताया, वह ठीक था. मुझे पता है कि ब्रिटेन के सिखों के लिए यह काफी महत्व रखता है कि उनके प्रधानमंत्री ने यह सौहार्द दिखाया और ऐसा करके मुझे सुकून मिला.'

First Published: Sep 20, 2019 07:23:26 AM
Post Comment (+)

न्यूज़ फीचर

वीडियो