भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' पॉलिसी में नेपाल सबसे पहले, दोनों देशों का संबंध 'देवनीति' पर आधारित : मोदी

नेपाल यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच के संबंधों में नई ऊर्जा फूंकते हुए काठमांडू के प्रति भारत की विदेश नीति को स्पष्ट किया।

  |   Updated On : May 11, 2018 02:37 PM
नेपाली प्रधानमंत्री के पी ओली के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नेपाली प्रधानमंत्री के पी ओली के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

ख़ास बातें
  •  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-नेपाल का संबंध कूटनीति नहीं देवनीति पर आधारित
  •  मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल का संबंध त्रेता युग से चला आ रहा है

काठमांडू:  

नेपाल यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच के संबंधों में नई ऊर्जा फूंकते हुए काठमांडू को लेकर भारत की प्राथमिकता और नजरिये को स्पष्ट किया।

दोनों देशों के बीच के धार्मिक और ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा संकट की घड़ी में भारत और नेपाल हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं और दोनों देशों के बीच का आपसी संबंध कूटनीति से परे 'देवनीति' पर आधारित है।

पिछले कुछ सालों के दौरान दोनों देशों के बीच के आपसी संबंधों में आई खटास को दूर करने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भारत की विदेश नीति में नेपाल की जगह सबसे ऊपर है।

उन्होंने कहा, 'भारत की नेबरहुड फर्स्ट (पड़ोसी देश) की पॉलिसी में नेपाल सबसे पहले आता है।'

जनकपुर में माता जानकी के मंदिर में दर्शन करने के बाद मोदी ने बारह बीघा मैदान में जनसभा को संबोधित किया।

भाषण के दौरान मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों में नेपाल को दी जाने वाली प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान में सरकार का नारा 'सबका साथ-सबका विकास' का है।

हालांकि यह नारा केवल भारत में रहने वाले लोगों के लिए नहीं है, बल्कि यह भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को भी परिभाषित करने वाली नीति है।

उन्होंने कहा, 'भारत-नेपाल संबंध किसी परिभाषा से नहीं बल्कि भाषा से बंधे हैं। यह भाषा की आस्था है, यह भाषा अपनेपन की है, यह भाषा रोटी की है और बेटी की है।'

मोदी ने कहा भारत और नेपाल भले ही दो देश हैं, लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है।

उन्होंने कहा, भारत और नेपाल दो देश हैं, लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है। राजा जनक और राजा दशरथ ने सिर्फ जनकपुर और अयोध्या ही नहीं, भारत और नेपाल को भी मित्रता और साझेदारी के बंधन में बांध दिया था।'

मोदी ने नेपाल में हुए हाल ही में चुनाव को लेकर वहां की जनता और सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'विकास की पहली शर्त होती है लोकतंत्र। मुझे खुशी है कि लोकतांत्रिक प्रणाली को नेपाल के लोग मजबूती दे रहे हैं। हाल ही में आपके यहां चुनाव हुए और आपने एक नई सरकार चुनी है। आपने अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जनादेश दिया है।'

प्रधानमंत्री मोदी नेपाल की दो दिवसीय यात्रा पर है और आज उनकी यात्रा का पहला दिन है। मोदी की नेपाल की यह तीसरी यात्रा है।

और पढ़ें: भारत-नेपाल के बीच दोस्ती त्रेतायुग से चली आ रही है: पीएम मोदी

First Published: Friday, May 11, 2018 01:38 PM

RELATED TAG: Narendra Modi, Modi In Nepal, India Neighborhood First Policy, K P Oli, India Nepal Relations,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो