BREAKING NEWS
  • लोकसभा इलेक्‍शन 2019 में इन नेताओं को वोटरों ने बनया महाबली, इसमें पीएम मोदी का नाम नहीं- Read More »
  • 2 से 303 सीटों तक पहुंचे की बीजेपी की पूरी कहानी, सांसदों की संख्‍या पर कभी कांग्रेस ने उड़ाया था मजाक- Read More »
  • अर्श से फर्श पर पहुंचे लालू, तेजस्वी नहीं बचाए पाएं RJD की विरासत- Read More »

भारत को मिलने जा रही है एक और अहम अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, इस तरह बढ़ेगा कद

IANS  |   Updated On : May 17, 2019 09:21 AM

ख़ास बातें

  •  सीटीबीटीओ सभी जगहों के परमाणु हथियारों एवं विस्फोट पर अपनी नजर बनाए रखती है.
  •  वर्तमान में आईएमएस के पास 89 देशों में कुल 337 केंद्र हैं.
  •  हालांकि भारत ने अभी तक नहीं किए हैं सीटीबीटी पर हस्ताक्षर.

वियना.:  

सीटीबीटीओ (द कॉपंरिहेंसिव न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रीटि ऑर्गेनाइजेशन) ने भारत को पर्यवेक्षक की भूमिका निभाने का प्रस्ताव देते हुए आईएमएस (इंटरनेशनल मॉनीटरिंग सिस्टम) तक पहुंच स्थापित करने की बात कही है. ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में स्थित सीटीबीटीओ हेडक्वार्टर में कार्यकारी सचिव लेसिना जेरबो ने भारतीय पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं इसके लिए किसी अनुबंध की बात नहीं कर रही हूं. मगर मैं सोचती हूं कि इसकी शुरुआत के लिए भारत को मौका देना बेहतरीन कदम हो सकता है.'

यह भी पढ़ेंः आज शाम थम जाएगा सातवें चरण के लिए चुनाव प्रचार, सभी लगाएंगे ऐड़ी-चोटी का जोर

सीटीबीटीओ की जिम्मेदारी है अहम
सीटीबीटीओ इंटरनेशनल मॉनीटरिंग सिस्टम चलाती है जोकि सभी जगहों के परमाणु हथियारों एवं विस्फोट पर अपनी नजर बनाए रखती है और साथ ही इसकी रिपोर्ट अपने सदस्यों को भी भेजती है. वर्तमान में आईएमएस के पास 89 देशों में कुल 337 केंद्र हैं. जेरबो ने कहा, 'मैं मानती हूं कि भारत इस संबंध में काफी डाटा एकत्रित करेगा जोकि अभी तक आपके पास नहीं है. आप कहीं भी समानता से जरूरत का डाटा एकत्रित कर भूकंप व परमाणु से संबंधित विकिरण का पता लगा सकते हैं.'

यह भी पढ़ेंः नाथूराम गोडसे के बयान पर घिरीं साध्वी प्रज्ञा, प्रियंका गांधी बोलीं- बापू का हत्यारा, देशभक्त?

भारत ने नहीं किए हैं संधि पर दस्तखत
सीटीबीटी विश्वभर में परमाणु विस्फोट पर प्रतिबंध को लेकर एक वैश्विक संधि है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्वीकार करने के बाद 1996 में इसे हस्ताक्षर के लिए रखा गया था. यह संधि लागू होनी इसलिए ही जरूरी हो गई थी कि कई देशों द्वारा इस संबंध में पक्षपात जैसा रवैया अपनाया जा रहा था, जिनमें भारत भी शामिल था.

यह भी पढ़ेंः पश्चिम बंगाल हिंसा : BJP नेता मुकुल राय की गाड़ी में उपद्रवियों ने की तोड़फोड़, लगाए TMC के नारे

पांच विकसित देशों के हित साधती है संधि
भारत ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए क्योंकि यह महज पांच परमाणु संपन्न देश चीन, अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन के हित में थी. इस दिशा में भारत पूर्णतया परमाणु हथियारों के प्रतिबंध पर सहमत था. अमेरिका और चीन ने हालांकि इस संधि पर हस्ताक्षर किए. मगर हस्ताक्षर के बावजूद वह इसे प्रमाणित नहीं कर पाए. इस संधि पर पाकिस्तान ने भी अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

First Published: Friday, May 17, 2019 09:21 AM

RELATED TAG: Ctbto, Make India, As Observer, Nuclear Ban Treaty, Ctbt,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज,ट्विटरऔरगूगल प्लस पर फॉलो करें

Newsstate Whatsapp

न्यूज़ फीचर

वीडियो

फोटो