सीएम ममता ने कहा, दार्जिलिंग में शांति के लिए किसी से भी बातचीत को तैयार, बुलाई सर्वदलीय बैठक

अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जिलिंग में चल रहे आंदोलन और हिंसा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

  |   Updated On : August 23, 2017 02:30 AM
दार्जिलिंग मामले पर ममता ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

दार्जिलिंग मामले पर ममता ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

ख़ास बातें
  •  दार्जिलिंग हिंसा पर ममता ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
  •  ममता ने कहा, दार्जिलिंग में शांति के लिए किसी से भी बातचीत को तैयार

नई दिल्ली:  

अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जिलिंग में चल रहे आंदोलन और हिंसा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

सीएम ममता बनर्जी ने ये बैठक 29 अगस्त को बुलाई है। गौरतलब है कि अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर गोरखा जन मुक्ति मोर्चा (जीजेएम) बीते कई महीनों से दार्जलिंग में आंदोलन और प्रदर्शन कर रहा है।

दार्जिलिंग में इस आंदोलन के दौरान लगातार हिंसा भी होती रही जिसमें कई लोग अबतक मारे जा चुके हैं। इससे पहले जीजेएम ने भी ऐसा ही बैठक बुलाने का ऐलान किया था।

ममत बनर्जी ने ये सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला तब किया जब उन्हें गोरखा लिबरेशन फ्रंट की तरफ से ऐसा करने का आग्रह किया गया था।

पत्रकारों से राज्य की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि मुद्दे को सुलझाने के लिए जीएनएलएफ की तरफ से उन्हें चिट्ठी भेजी गई। उन्होंने कहा 29 अगस्त को हमने बिना कोई शर्त माने दार्जिलिंग में आंदोलन और हिंसा को खत्म करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

ममता ने कहा, 'हम दार्जिलिंग में शांति और विकास के पक्ष में हैं और इसके लिए कभी भी किसी से भी बातचीत करने को तैयार हैं।'

बंगाल की सीएम ने कहा, 'हम पहाड़ी क्षेत्रों का विकास चाहते हैं, मैं उस इलाके के अपने भाई-बहनों से अपली करती हूं कि वो दार्जिलिंग में शांति और जीवन को सामान्य बनाने में सरकार की मदद करें। उन्होंने कहा, 'पहाड़ी इलाके और राज्य के विकास के लिए हम सब का मिलकर काम करना बेहद जरूरी है।'

ममता ने बिना जीजेएम का नाम लिए कहा, 'मैं हमेशा से अपील करती रही कि हमें बैठकर इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए। अब मैं खुश हूं कि वो इसके लिए राजी हैं।'

जब सीएम ममता बनर्जी से ये पूछा गया कि क्या इस सर्वदलीय बैठक में जीजेएम हिस्सा लेगी तो उन्होंने कहा, 'इलाके की हर मुख्य राजनीतिक पार्टी इस मीटिंग में शिरकत करेगी।'

वहीं दूसरी तरफ गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के संयुक्त सचिव बिनोय तमांग ने कहा, 'पहाड़ी इलाके दार्जिलिंग में शांति बहाल करना सिर्फ वहां के लोगों की जिम्मेदारी नहीं और इसमें केंद्र के साथ ही राज्य सरकार को भी आगे आना होगा और समस्या को सुलझाना होगा।'

अलग राज्य की मांग को लेकर जीजेएम 12 जून से ही दार्जिलिंग में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहा है।

First Published: Wednesday, August 23, 2017 02:14 AM

RELATED TAG: West Bengal, Darjeeling Violence, Gorkhaland State Agitation,

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