Uttar Pradesh: पहली बार विधायक बने नेता 48 घंटे के सत्र को लेकर उत्साहित

आईएएनएस  |   Updated On : September 01, 2019 02:00:10 PM
उत्तर प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो) (Photo Credit : )

लखनऊ:  

उत्तर प्रदेश में पहली बार विधायक बने नेता बिना किसी अंतराल के 48 घंटे चलने वाले विधानसभा सत्र को लेकर उत्साहित हैं. यह सत्र महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर दो अक्टूबर को शुरू होगा. बता दें कि इस विशेष सत्र को आयोजित करने का निर्णय स्पीकर द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि सत्र में संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीज) पर चर्चा होगी.

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सत्र में राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के लगभग 504 सदस्य भाग लेंगे. हालांकि सत्र की और जानकारी नहीं मिली है, लेकिन प्रत्येक सदस्य को विषय पर बोलने के लिए पांच मिनट का समय मिलेगा. विशेष सत्र में उन्हें किसी अन्य विषय पर बोलने का अधिकार नहीं होगा.

पहली बार विधायक बने समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता ने कहा कि इस अद्वितीय सत्र का गवाह बनने का मौका मिलने को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं. उम्मीद है कि मेरी पार्टी के नेता इससे अलग रहने का निर्णय नहीं लेंगे. पहली बार विधायक बनीं कांग्रेस की अदिति सिंह ने कहा कि बहस में आजादी के आंदोलन में महात्मा गांधी की भूमिका तथा उनकी विचारधारा पर भी फोकस होना चाहिए. मौजूदा परिस्थितियों में इसकी बहुत जरूरत है.

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वहीं कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हम सभी लोगों ने इस सत्र के लिए सर्वसम्मति से सहमति जताई क्योंकि यह अच्छे काम के लिए आयोजित किया जा रहा है, वहीं हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि चर्चा को रिकॉर्ड के लिए ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए.

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First Published: Sep 01, 2019 02:00:10 PM
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