यूपी में अब नहीं जाएगी किसी की जान! घटनास्थल पर 15 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस

News State Bureau  |   Updated On : July 16, 2019 11:10:33 PM
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नई दिल्ली:  

उत्तर प्रदेश में मरीजों की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए एंबुलेंस सेवा को घटनास्थल पर 20 मिनट के बजाय 15 मिनट में पहुंचाने की कवायद चल रही है. इसके लिए एंबुलेंस की संख्या में इजाफा के साथ उन्हें तकनीकी संसाधनों के साथ जोड़ दिया गया है, ताकि यह निर्धारित समय पर पहुंच सके. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रिपांस टाइम करने के लिए कई बार कार्यक्रम और समीक्षा बैठकों में कह चुके हैं. अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह मुमकिन हो जाएगा. एंबुलेंस निजी टैक्सियों की तर्ज पर निर्धारित समय में मरीजों के पास पहुंचने लगेंगी.

जीवीके एंबुलेंस कंपनी के मीडिया प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि साल 2012 में शुरू हुई 108 एंबुलेंस सेवाएं उप्र के मरीजों के लिए खासी मददगार साबित हुई हैं. एबुलेंस में कार्डियो, प्रसव, गंभीर चोट, वेंटिलेटर आदि के मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तक स्थिर रखने के लिए आधुनिक मशीनें लगी हैं और प्रशिक्षित स्टाफ भी है. सेवा शुरू होने से अब तक इन एंबुलेंस के जरिए 1.25 करोड़ मरीजों को मदद पहुंचाई जा सकी है.

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उन्होंने बताया कि 108 आपातकलीन सेवा के लिए, 102 गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए, एडवांस लाइफ सपोर्ट के लिए हमारी कंपनी सेवा दे रही है, जिसमें 108 के 2200 और 102 के 2270, एडंवास लाइफ सपोर्ट में 250 गाड़िया पूरे प्रदेश में सेवा दे रही है.

अजय ने बताया कि पहले यह शहरी क्षेत्र में 20 व ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट में पहुंचती थी. अब इन्हें घटनास्थल पर पहुंचने में महज 15 मिनट लगेगा.

उन्होंने बताया कि इसी निजी टैक्सी के सिस्टम को भी इसमें लागू किया गया है. एंबुलेंस को 108 को नए जीपीएस सिस्टम से जोड़ा गया है. हर गाड़ी को एक एंड्रॉयड फोन भी दिया गया है. कोई भी इस पर कॉल करेगा तो एबुलेंस मुख्यालय पर काल जाते ही संबंधित नंबर का एक मैसेज भी जनरेट होगा. मैसेज कॉल करने वाले के नजीदीक एंबुलेंस चालक को मिल जाएगा. फिर एंबुलेंस चाल तत्काल संबंधित लोकेशन के लिए रवाना हो जाएगा. एंबुलेंस चालक कहां तक पहुंचा, इसकी लोकेशन मुख्यालय के साथ सीएमओ भी देख सकेंगे.

अजय ने बताया कि सभी चालकों को इसका प्रशिक्षण भी दिया गया है. जो समय पर नहीं पहुंचेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी.

इन नई एंबुलेंस को प्रदेश के सभी 75 जिलों में भेजा जा रहा है. इसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के 49 जिलों में 491 और पश्चिम के 26 जिलों को 221 नई एंबुलेंस आवंटित होंगी. मरीजों को घटनास्थल या उनके घर से नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की यह मुफ्त सेवा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन संचालित है.

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तकरीबन सभी जिलों में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जा रही है. हालांकि जहां से मरीजों की कॉल अधिक आती है, उन जिलों में इनकी संख्या अधिक रखी गई है.

लखनऊ सहित नौ शहरों को 20-20 नई एंबुलेंस का तोहफा मिला है. इसमें प्रयागराज, बहराइच, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर, खीरी, कुशीनगर, लखनऊ और सीतापुर शामिल हैं.

First Published: Jul 16, 2019 11:10:33 PM
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