मध्य प्रदेश : शिवराज सरकार में हुआ घोटाला, जांच में पकड़ में आए 96 पुलिसवाले

News State  |   Updated On : January 28, 2020 11:24:51 AM
मध्य प्रदेश : शिवराज सरकार में हुआ घोटाला, जांच में पकड़ में आए 96 पुलिसवाले

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit : News State )

Madhya Pradesh:  

मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान एक बड़ा घोटाला होने का दावा किया जा रहा है. दावे के अनुसार ये घोटाला सरकारी मकान अलॉट करने को लेकर है. जानकारी के अनुसार संपदा संचालनालय का एक बाबू पैसे वसूलकर पुलिस वालों को उनका नंबर आने से पहले ही मकान अलॉट करता था. ये फर्ज़ीवाड़ा शिवराज सरकार के दौरान का बताया जा रहा है. गृह विभाग में पोस्टेड बाबू राहलु खरते अब जेल में है. अब तक की जांच में 96 केस पकड़ में आए जिन्हें समय से पहले सरकारी मकान अलॉट किया गया. सभी को नोटिस देकर मकान खाली कराए जा रहे हैं.

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जांच में 96 पुलिसकर्मियों के फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

सरकारी मकान अलॉटमेंट घोटाले में पुलिस वालों ने सबसे ज़्यादा मकान अलॉट कराए. जांच में 96 पुलिसकर्मियों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. इस खुलासे के बाद संपदा संचालनालय ने उन सभी पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी कर दिए हैं कि वो जल्द-से जल्द मकान खाली करें. पिछले 4 साल में पुलिस वालों को मकान अलॉट करने की जांच की जा रही है.

मकान खाली करने का नोटिस

इन कर्मचारियों को फरबरी माह तक मकान खाली करना होगा. पिछले साल संपदा संचालनायल की जांच में सामने आया है कि गृह विभाग में पोस्टेड एक बाबू राहुल खरते ने मुख्यमंत्री की जाली नोटशीट बनाकर पुलिस वालों को सरकारी मकान अलॉट कर दिए. इस पर जहांगीराबाद पुलिस ने आरोपी खरते पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया था. फिलहाल खरते जेल में बंद है. संपदा गृह विभाग के अंतर्गत आता है. पता चला है कि खरते एक मकान अलॉट करने के 70 हजार से लेकर एक लाख या उससे ज्यादा पैसा वसूलता था.

संपदा संचालनालय अब पिछले 4 साल 2014 से 2017 के बीच पुलिस वालों को मकान अलॉटमेंट की जांच कर रही है. खरते लंबे समय से विभाग में पदस्थ था. इसलिए आशंका है कि मकान आवंटन में ये धोखाधड़ी काफी समय से चल रही होगी.

First Published: Jan 28, 2020 11:24:51 AM

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