BREAKING NEWS
  • Flood in India Live Updates: भारी बारिश और बाढ़ ने मचा रखी है इन राज्यों में तबाही, जनजीवन बेपटरी- Read More »
  • टीम इंडिया के पूर्व गेंदबाज प्रवीण कुमार के घर छाया मातम, छत से गिरकर परिजन की हुई मौत- Read More »
  • बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का लंबी बीमारी के बाद आज दिल्ली में निधन- Read More »

गुजरात: कस्टोडियल डेथ मामले में पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट को उम्रकैद

News State Bureau  |   Updated On : June 20, 2019 12:59 PM
पूर्व IPS संजीव भट्ट (फाइल फोटो)

पूर्व IPS संजीव भट्ट (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  

कस्टोडियल डेथ मामले में गुजरात के जामनगर कोर्ट ने बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट (Sanjeev Bhatt) और उनके सहयोगी को दोषी करार दिया है. अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है. पिछले दिनों संजीव भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट से गवाहों की नए सिरे से जांच की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भट्ट की याचिका पर विचार करने से मना कर दिया था.

यह भी पढ़ेंः राष्ट्रपति कोविंद ने संसद के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- मसूद अजहर पर बैन भारत की बड़ी जीत

बता दें कि 1990 में जामनगर में भारत बंद के दौरान हिंसा हुई थी. संजीव भट्ट उस वक्त जामनगर के एएसपी थे. इस दौरान 133 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिनमें 25 लोग घायल हुए थे और आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

यह भी पढ़ेंः PM मोदी की डिनर पार्टी आज, अखिलेश यादव ने जाने से किया इनकार, कहा...

न्यायिक हिरासत में रहने के बाद एक आरोपी प्रभुदास माधवजी वैश्नानी की मौत हो गई थी. इस पर संजीव भट्ट और उनके सहयोगियों पर पुलिस हिरासत में आरोपियों के साथ मारपीट का आरोप लगा था. इस मामले में पुलिस ने संजीव भट्ट व अन्य पुलिसवालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन गुजरात सरकार ने मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी. 2011 में राज्य सरकार ने भट्ट के खिलाफ ट्रायल की अनुमति दे दी.

यह भी पढ़ेंः दिल्ली से तीन कॉल गर्ल को नोएडा ले जाकर 9 लोगों ने किया गैंग रेप, 7 गिरफ्तार, 2 फरार

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने संजीव भट्ट की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था. भट्ट ने याचिका में अपने खिलाफ हिरासत में हुई मौत के मामले में गवाहों की नए सिरे से जांच की मांग की थी. संजीव भट्ट गुजरात के बर्खास्त आईपीएस अफसर हैं. भट्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

यह भी पढ़ेंः पुलिसिंग को लेकर आज योगी लगाएंगे अधिकारियों की क्लास, DGP समेत कई विभागों के प्रमुख होंगे शामिल

गुजरात हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ मुकदमे के दौरान कुछ अतिरिक्त गवाहों को गवाही के लिए समन देने के उनके अनुरोध से इनकार कर दिया था. गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि निचली अदालत ने 30 साल पुराने हिरासत में हुई मौत के मामले में पहले ही फैसले को 20 जून के लिए सुरक्षित रखा है.

यह भी पढ़ेंः ICC World Cup: विश्व कप में आज ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश होंगे आमने-सामने, इन खिलाड़ियों पर होगी नजर

जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने गुजरात सरकार व अभियोजन पक्ष की दलील को माना कि सभी गवाहों को पेश किया गया था, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है. अब दोबारा मुकदमे पर सुनवाई करना और कुछ नहीं है, बल्कि देर करने की रणनीति है. भट्ट को बिना किसी मंजूरी के गैरहाजिर रहने व आवंटित सरकारी वाहन के दुरुपयोग को लेकर 2011 में निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद 2015 में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया.

First Published: Thursday, June 20, 2019 12:39 PM
Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज,ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

RELATED TAG: Former Ips Sanjeev Bhatt Gets Life Imprisonment In Custodial Death Case In Gujarat,

डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

न्यूज़ फीचर

वीडियो