फांसी का समय करीब लगते ही निर्भया कांड के दोषी डिप्रेशन में आए, खाना-पीना कम किया

Bhasha  |   Updated On : December 14, 2019 11:47:18 AM
फांसी का समय करीब लगते ही निर्भया कांड के दोषी डिप्रेशन में आए

फांसी का समय करीब लगते ही निर्भया कांड के दोषी डिप्रेशन में आए (Photo Credit : File Photo )

दिल्ली:  

तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बंद निर्भया बलात्कार-हत्याकांड (Nirbhaya Gangrape and Murder Case) के चारों दोषी अवसाद में हैं और उन्होंने खाना-पीना भी कम कर दिया है. जेल के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि चारों दोषियों- अक्षय, मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा के साथ चार-पांच सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि वे खुद को कोई नुकसान न पहुंचा सकें. तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल (Sandeep Goyel) समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को जेल का दौरा कर दोषियों को फांसी पर लटकाने की तैयारियों का जायजा लिया और संतुष्टि जाहिर की. इस चर्चित मामले की कोई जानकारी लीक न हो, इसके लिये तिहाड़ जेल के अधिकारियों के फोन निगरानी पर लगा दिये गए हैं.

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इससे पहले चारो दोषियों को शुक्रवार को वीडियो लिंक के जरिये अदालत न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उनकी पहचान सत्यापित की. इस बीच निर्भया की मां ने शुक्रवार को कहा कि वह चाहती हैं कि 16 दिसंबर से पहले दोषियों को फांसी दी जाए. उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाने और उसे मुझसे छीनने वालों को मौत की सजा दिलाने के लिये लड़ाई जारी रखूंगी. मैं चाहती हूं कि उन्हें 16 दिसंबर से पहले फांसी दी जाए."

कानूनी फाइलों में बंद 'फांसी के फैसले' पर अंतिम मुहर लगने में भले ही अभी वक्त है, मगर तिहाड़ जेल (Tihar Jail) के भीतर निर्भया कांड (Nirbhaya Case) को लेकर शुरू हुई हलचल ने मुजरिमों के दिल की धड़कन बढ़ा दी है. धड़कन बढ़ने की प्रमुख वजहें हैं. निर्भया के मुजरिम पवन कुमार गुप्ता को दिल्ली की मंडोली जेल से तिहाड़ जेल में बेहद गोपनीय तरीके से रातों-रात शिफ्ट कर दिया गया है. मुजरिम पवन कुमार गुप्ता के मंडोली जेल से तिहाड़ जेल में पहुंचते ही पहले से ही तिहाड़ में कैद निर्भया के तीन अन्य हत्यारों (अक्षय कुमार सिंह, विनय कुमार शर्मा और मुकेश कुमार) पर अचानक सख्ती कर दी गई है.

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तिहाड़ जेल के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, "मंडोली जेल से पवन कुमार गुप्ता के तिहाड़ जेल पहुंचते ही इन चारों की आपस में बातचीत पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे पहले तक तिहाड़ में बंद निर्भया के तीनों हत्यारे दिन के वक्त आपस में मिलने पर थोड़ी बहुत बातचीत कर लेते थे." फिलहाल, इन चारों को फांसी पर लटाने के फरमान पर अंतिम मुहर की फाइलें एक देहरी से दूसरी देहरी पर (अदालतों में) भटक रही हैं, लेकिन तिहाड़ जेल प्रशासन अपने स्तर से गुपचुप तैयारियों में जुट गया है.

तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक, "तिहाड़ जेल में मौजूद फांसी घर की युद्ध स्तर पर शुरू की गई साफ-सफाई प्रक्रिया को भी यूं ही नजरंदाज नहीं किया जा सकता है. फांसी घर की साफ-सफाई के साथ ही उसके तख्तों (जिन पर मुजरिम को फांसी पर लटकाने से ठीक पहले ले जाकर खड़ा किया जाता है) की जेल के काबिल कैदी बढ़इयों द्वारा मरम्मत कराया जा रहा है. फांसी घर पर हलचल और उसकी सुरक्षा में जेल सुरक्षाकर्मियों की तादाद अचानक बढ़ा दिया जाना भी काफी कुछ इशारा कर रहा है."

First Published: Dec 14, 2019 11:18:05 AM
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