Republic Day 2020: 71वें गणतंत्र दिवस परेड की 10 प्रमुख बातें

News State Bureau  |   Updated On : January 26, 2020 12:35:42 PM
Republic Day 2020

Republic Day 2020 (Photo Credit : फाइल फोटो )

नई दिल्ली:  

आज देश में 71वें गणतंत्र दिवस (71st Republic Day) मनाया जा रहा है. राजपथ पर आज आयोजित ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस परेड (Republic Day Parade)  में भारत ने अपनी बढ़ती हुई सैन्य शक्ति, बहुमूल्य सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक-आर्थिक प्रगति का बेहद ही रोमांचक प्रदर्शन किया गया. देश की तीनों सेनाओं ने इस परेड में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है.
राजपथ पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) और पीएम मोदी (Pm Narendra Modi) सहित देश के सभी बड़े नेताओं ने परेड का आनंद लिया. इस बार गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro, President of Brazil ) थे. आइये जानते हैं इस परेड की 10 प्रमुख बातें.
1-अपाचे और चिनूक ने दिखाया दम
71वें गणतंत्र दिवस परेड के अंतिम चरण में भारतीय वायुसेना फ्लाई पास्ट हुआ जिसमें तीन उन्नत हल्के हेलीकाप्टर 'त्रिशूल' फार्मेशन में उड़ते दिखाई द‍िए। ऐसा पहली बार हुआ जब गणतंत्र दिवस परेड में सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंग एक साथ 'ट्राई सर्विस' फार्मेशन में राजपथ के ऊपर से गुजरे। इसके बाद चिनूक हेलिकॉप्टर 'विक' फार्मेशन में उड़ते दिखाई द‍िए। परेड में अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर, डोर्नियर विमान और सी-130 जे सुपर हरक्यूलीज विमान भी दिखाई द‍िए। 5 जगुआर विमान और 5 मिग-29 विमान 'एरोहेड' फार्मेशन में वायुसेना के पराक्रम का प्रदर्शन किया। परेड का समापन सुखोई-30 एमकेआई जेट विमानों के हवाई करतब से हुआ।

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2-राफेल पर रही सबकी नजर
वायुसेना की झांकी में राफेल और तेजस युद्धक विमान, हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर, आकाश मिसाइल प्रणाली और अस्त्र मिसाइल के मॉडल प्रस्तुत किए गए. राजपथ पर मौजूद लोगों की नजरें राफेल विमान के मॉडल पर टिकी रहीं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय वायुसेना में 4 राफेल व‍िमान शामिल किए जा चुके हैं.


3-ASAT का भी परेड में किया जाएगा प्रदर्शन
भारत ने पिछले साल मार्च में एक एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। प्रदर्शन ने भारत को तीन देशों के कुलीन वर्ग के साथ बराबर रखा: अमेरिका, रूस और चीन। मिशन शक्ति और वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रडार (ADTCR) से एंटी-सैटेलाइट (ASAT) मिसाइल आज गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित होगी।
4-घुड़सवार टुकड़ी ने दी पहले सलामी
परेड में पहला दस्ता सेना की 61वीं घुड़सवार टुकड़ी का रहा। छह टुकड़ियों को मिलाकर एक अगस्त 1953 को स्थापित यह टुकड़ी विश्व की एकमात्र सक्रिय सैन्य घुड़सवार टुकड़ी है। भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 61वीं घुड़सवार टुकड़ी का दस्ता, आठ मैकेनाइज्ड दस्ते, छह पैदल दस्ते तथा रूद्र और फ्लाई पास्ट करते ध्रुव उन्नत हल्के हेलीकाप्टरों ने किया।
5-सैन्‍य शक्ति का प्रदर्शन
थलसेना का युद्धक टैंक भीष्म, इन्फैंट्री युद्धक वाहन और हाल ही में भारतीय वायु सेना में शामिल किए गए अमेरिका न‍िर्मित चिनूक और अपाचे युद्धक हेलिकॉप्टर भव्य सैन्य परेड का हिस्सा रहे। भारतीय सेना के स्वदेश में निर्मित मुख्य युद्धक टैंक टी-90 भीष्म, इन्फैंट्री युद्धक वाहन 'बॉलवे मशीन पिकाटे', के-9 वज्र और धनुष तोपें, चलित उपग्रह टर्मिनल और आकाश मिसाइल प्रणाली मैकेनाइज्ड दस्ते का मुख्य आकर्षण रहें.

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6-सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन
राजपथ पर राष्ट्र की बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर और आर्थिक प्रगति को दर्शाने वाली 22 झांकियों में से 16 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रहीं और छह विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की रहीं। झांकी के दौरान स्कूली बच्चे नृत्य और संगीत के माध्यम से युगों पुरानी योग परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश दिया।

7-परेड में नजर आए सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो
रिपब्लिक डे परेड में इस बार सर्जिकल स्ट्राइक के Heros भी नजर आए। 2016 में भारतीय सेना ने एलओसी पार कर पाकिस्तानी आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त किए थे। इस मिशन को भारतीय सेना की पैरा एसएफ यानी स्पेशल फोर्स के कमांडोज ने अंजाम दिया था। छह साल बाद रिपब्लिक डे परेड में सेना का पैरा दस्ता भी मौजूद रहा, जिसमें स्पेशल फोर्स के कमांडो भी थे।

8-ब्राजील के राष्‍ट्रपति रहे मुख्‍य अतिथि

भारत के गणतंत्र के रूप में स्थापित होने की वर्षगांठ पर आयोजित नब्बे मिनट के समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जायेर बोलसोनारो मुख्य अतिथि थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्‍ट्रपति जायेर का स्‍वागत किया। ब्राजील के राष्‍ट्रपति भारत की सैन्य शक्ति और बहुमूल्य सांस्कृतिक विरासत के गवाह बने।

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9-झांकियों का प्रदर्शन
राजपथ पर राष्ट्र की बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर और आर्थिक प्रगति को दर्शाने वाली 22 झांकियों में से 16 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रहीं और छह विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की रहीं। झांकी के दौरान स्कूली बच्चे नृत्य और संगीत के माध्यम से युगों पुरानी योग परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश दिया। झांकियों में ओडिशा का लिंगराज मंदिर, मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता आदि को दिखाया गया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की झांकी में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी की झलक दिखी।

10-पीएम मोदी ने तोड़ी परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गणतंत्र दिवस पर 48 साल पुरानी परंपरा तोड़ते हुए नई परंपरा का आगाज कर दिया। उन्होंने युद्धवीरों की शहादत को सलाम करने इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति नहीं गए, बल्कि बगल में ही नवनिर्मित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

First Published: Jan 26, 2020 12:01:16 PM
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