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Google ने ISRO के फाउंडर Vikram Sarabhai की 100वीं जयंती पर बनाया ये खास Doodle

News State Bureau  |   Updated On : August 12, 2019 09:21:44 AM
Google Doodle Today

Google Doodle Today (Photo Credit : )

ख़ास बातें

  •  Google ने विक्रम साराभाई के 100वें जन्मदिन पर बनाया ये खास डूडल.
  •  इसरो (Indian Space Research Organisation-ISRO) की स्थापना विक्रम साराभाई ने 1962 में की थी.
  •  विक्रम साराभाई की डूडल का उदाहरण मुंबई के अतिथि कलाकार पवन राजुरकर ने दिया था.

नई दिल्ली:  

Google Doodle on Vikram Sarabhai: Google डूडल ने सोमवार को विक्रम साराभाई (Vikram Sarabhai) के 100 वें जन्मदिन पर एक खास डूडल डेडिकेट किया है. विक्रम साराभाई को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के पिता (Father of Indian space programmes) के रूप में जाना जाता है. इसके अलावा, विक्रम साराभाई एक पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी, उद्योगपति और नवप्रवर्तनकर्ता थे जिन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना की. जी हां, आपने सही पढ़ा. इसरो (Indian Space Research Organisation-ISRO) की स्थापना विक्रम साराभाई ने 1962 में की थी. गौरतलब है कि विक्रम साराभाई की डूडल का उदाहरण मुंबई के अतिथि कलाकार पवन राजुरकर ने दिया था.

विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त, 1919 को अहमदाबाद में हुआ था. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट हासिल करने से पहले उन्होंने गुजरात कॉलेज में पढ़ाई की. भारत लौटने के बाद, उन्होंने 11 नवंबर, 1947 को अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL) की स्थापना की, तब उनकी उम्र करीब 28 साल की थी.

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रूसी स्पुतनिक लॉन्च के बाद विक्रम साराभाई ने अंतरिक्ष कार्यक्रम के महत्व के बारे में भारत सरकार को आश्वस्त किया. उन्होंने कहा था, "कुछ ऐसे हैं जो एक विकासशील राष्ट्र में अंतरिक्ष गतिविधियों की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हैं. हमारे लिए, उद्देश्य की कोई अस्पष्टता नहीं है ... हमें मनुष्य की वास्तविक समस्याओं के लिए उन्नत तकनीकों के आवेदन में किसी से भी पीछे नहीं होना चाहिए."

डॉ होमी भाभा, जिन्हें व्यापक रूप से भारत के परमाणु विज्ञान कार्यक्रम का जनक (Dr Homi Bhabha, widely regarded as the father of India's nuclear science program) माना जाता है, ने भारत में पहला रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन स्थापित करने में विक्रम साराभाई का समर्थन किया. उद्घाटन उड़ान 21 नवंबर, 1963 को सोडियम वाष्प पेलोड के साथ लॉन्च की गई थी.

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1966 में नासा के साथ विक्रम साराभाई के संवाद ने 1971 में उनकी मृत्यु के बाद जुलाई 1975 - जुलाई 1976 के दौरान सैटेलाइट इंस्ट्रक्शनल टेलीविज़न प्रयोग (SITE) को शुरू करने में मदद की.
साराभाई ने एक भारतीय उपग्रह के निर्माण और प्रक्षेपण के लिए एक परियोजना भी शुरू की. परिणामस्वरूप, पहला भारतीय उपग्रह, आर्यभट्ट, 1975 में एक रूसी कॉस्मोड्रोम से कक्षा में रखा गया था. विक्रम साराभाई परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष भी थे. विक्रम साराभाई ने अहमदाबाद के अन्य उद्योगपतियों के साथ मिलकर भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाई.
यहां यह उल्लेखनीय है कि 1973 में उनके सम्मान में चंद्रमा पर एक गड्ढा (crater) नामित किया गया था. इसरो ने हाल ही में चंद्रयान -2 को लॉन्च किया और विक्रम लैंडर को 7 सितंबर को चंद्र सतह पर छूने के लिए निर्धारित किया गया है.

First Published: Aug 12, 2019 09:16:50 AM
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