मंदिर में क्यों बजाई जाती है घंटी? क्या ये है वजह...

घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर घंटियां और विंड चाइम्स लगाए जाते हैं। इससे घर के अंदर बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं।

  |   Updated On : November 28, 2017 01:52 PM
फाइल फोटो

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नई दिल्ली:  

आप जब भी भगवान के दर्शन के लिए मंदिर जाते हैं, शायद सबसे पहले घंटी बजाते हैं। मान्यता है कि घंटी बजाने से भगवान हमारी प्रार्थना जल्दी सुनते हैं। लेकिन हम आपको बताने जा रहे हैं कि यह मान्यता पूरी तरह सच नहीं है, बल्कि घंटी बजाने के पीछे एक साइंटिफिक कारण है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, घंटी बजाने से कंपन पैदा होता है। इस वजह से सकारात्मक शक्ति बनी रहती है और आसपास का वातावरण भी शुद्ध हो जाता है।

यही वजह है कि घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर घंटियां और विंड चाइम्स लगाए जाते हैं। इससे घर के अंदर बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं।

वहीं पौराणिक कथा के अनुसार जब संसार का प्रारंभ हुआ था, जब नाद की आवाज गूंजी थी। नाद घंटी बजाने पर भी आती है। इसी वजह से घंटी को नाद का प्रतीक माना जाता है।

घंटी बजाने की धार्मिक मान्यता है कि मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जागृत होती है। ऐसे में भगवान आपकी प्रार्थना जल्दी सुनते हैं।

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First Published: Tuesday, November 28, 2017 01:31 PM

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