BREAKING NEWS
  • IPL 12: महेंद्र सिंह धोनी की बैटिंग देख बुरी तरह से डर गए थे विराट कोहली, मैच के बाद दिया ये बयान- Read More »
  • IPL 12: महेंद्र सिंह धोनी के नाम दर्ज हुआ ये अनोखा रिकॉर्ड, आईपीएल में ऐसा कारनामा करने वाले पहले भारतीय बने- Read More »
  • भारत ने श्रीलंका से लगती तटीय सीमा पर हाई अलर्ट घोषित किया, गोवा जैसे तटीय राज्यों में चर्च के बाहर सुरक्षा बढ़ी- Read More »

Navratra 2019 : जानें क्या है मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा विधि, किस मंत्र का करें उच्चारण

News State Bureau  |   Updated On : April 13, 2019 06:39 AM
मां महागौरी

मां महागौरी

नई दिल्ली:  

मां दुर्गाजी की 8वीं शक्ति का नाम महागौरी है. दुर्गापूजा के 8वें दिन महागौरी की उपासना का विधान है. इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है. इनकी उपासना से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं और पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं. भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते. वह सभी प्रकार से पवित्र और अक्षय पुण्यों का अधिकारी हो जाता है.

यह भी पढ़ें- जानें कब है अष्टमी और महानवमी का व्रत , ऐसे करें कन्‍या पूजन

महागौरी की कथा
भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की थी, जिससे इनका शरीर काला पड़ जाता है. देवी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान इन्हें स्वीकार करते हैं और शिव जी इनके शरीर को गंगा-जल से धोते हैं, तब देवी विद्युत के समान अत्यंत कांतिमान गौर वर्ण की हो जाती हैं तथा तभी से इनका नाम गौरी पड़ा. महागौरी रूप में देवी करूणामयी, स्नेहमयी, शांत और मृदुल दिखती हैं. देवी के इस रूप की प्रार्थना करते हुए देव और ऋषिगण कहते हैं ''सर्वमंगल मंग्ल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तुते.'' महागौरी जी से संबंधित एक अन्य कथा भी प्रचलित है. इसके जिसके अनुसार, एक सिंह काफी भूखा था, वह भोजन की तलाश में वहां पहुंचा जहां देवी उमा तपस्या कर रही होती हैं. देवी को देखकर सिंह की भूख बढ़ गई, परंतु वह देवी के तपस्या से उठने का इंतजार करते हुए वहीं बैठ गया. इस इंतजार में वह काफी कमजोर हो गया. देवी जब तप से उठी तो सिंह की दशा देखकर उन्हें उस पर बहुत दया आ जाती है और मां उसे अपना सवारी बना लेती हैं, क्योंकि एक प्रकार से उसने भी तपस्या की थी. इसलिए देवी गौरी का वाहन बैल और सिंह दोनों ही हैं.

यह भी पढ़ें- कन्‍या पूजन करते समय इन बातों का नहीं रखा ध्‍यान तो देवी माता हो जाएंगी नाराज

मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा विधि
अष्टमी के दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए देवी मां को चुनरी भेंट करती हैं. सबसे पहले लकड़ी की चौकी पर या मंदिर में महागौरी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. इसके बाद चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाकर उस पर महागौरी यंत्र रखें और यंत्र की स्थापना करें. मां सौंदर्य प्रदान करने वाली हैं. हाथ में श्वेत पुष्प लेकर मां का ध्यान करें.

महागौरी की उपासना का मंत्र 
श्वेते वृषे समारुढ़ा, श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरीं शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया।।

मां महागौरी का भोग
अष्टमी के दिन मां को नारियल का भोग लगाएं. नारियल को सिर से घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूर्ण होगी.

यह वीडियो देखें-

First Published: Friday, April 12, 2019 04:13 PM

RELATED TAG: Navratra 2019, Navaratri 2019, Maa Durga, Mahagauri Pooja Vidhi, Mahagauri Worship, Maa Durga Worship, Ashtami, Ashtami 2019 April Date, Ashtami, Ashtami 2019 April,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज,ट्विटरऔरगूगल प्लस पर फॉलो करें

Newsstate Whatsapp

न्यूज़ फीचर

वीडियो

फोटो