आजादी के 70 साल: इन क्रांतिवीरों ने देश की आजादी के लिए किए प्राण न्यौछावर

Updated On : August 15, 2017 07:03 AM
शहीद भगत सिंह
शहीद भगत सिंह
महज 23 साल की उम्र में अंग्रेजों के बम धमाकों से कान फोड़ने वाले भगत सिंह देश की आजादी के क्रांतिवीरों के तौर पर पहली पंक्ति में आते हैं। इन्होंने अपनी छोटी सी उम्र में अंग्रेजी हुकूमत की रातों की नींद उड़ा दी थी। बाद में इन्हें फांसी की सजा सुनाई गई।
मंगल पांडे
मंगल पांडे
1857 की क्रांति की नींव रखने वाले थे शहीद मंगल पांडे। अंग्रेजी हुकूमत से सबसे पहले लोहा लेने वाले मंगल पांडे देश के पहले क्रांतिवीर माने जाते हैं। इसके बाद आजादी की जो आग उपजी वो उसे स्वतंत्र भारत तक लेकर गई।
चंद्र शेखर आजाद
चंद्र शेखर आजाद
इनका जन्म 1906 में हुआ था। ये बचपन से ही आजाद ख्यालों के थे। इन्होंने काकोरी कांड में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद कभी इन्हें ब्रिटिशर्स कभी जिंदा नहीं पकड़ सके। इन्होंने इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में खुद को ही गोली मार ली थी।
खुदीराम बोस
खुदीराम बोस
देश के युवा क्रांतिवीरों में खुदीराम बोस पहली पंक्ति में आते हैं। खुदीराम ने बंगाल के विभाजन के दौरान राष्ट्रीय आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद इन्हें बम विस्फोट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अंग्रेजी हुकूमत ने 11 अगस्त 1908 को फांसी पर लटका दिया था।
उधम सिंह
उधम सिंह
गदर पार्टी के एक्टिव कार्यकर्ता के रूप में उधम सिंह को जाना जाता है। इनका जन्म 1899 को हुआ था। इन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए माइकल डायर का कत्ल किया था। इसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लंदन में 31 जुलाई 1940 को फांसी पर लटका दिया गया था।
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