तस्वीरों में देखिये 1952 में बने पहले उप-राष्ट्रपति से लेकर अब तक सफर

Updated On : August 06, 2017 08:18 AM
उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति
देश में उपराष्ट्रपति का पद राष्ट्रपति के बाद दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद होता है। वह संसद के उच्च सदन राज्यसभा के अध्यक्ष होते है। उपराष्ट्रपति का कार्याकाल पांच साल का होता है। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग, या बर्खास्तगी या अन्य कारणों से खाली हुए राष्ट्रपति पद पर अगले राष्ट्रपति के चुनाव होने तक एक्टिंग राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं। आइये आज हम आपको 1950 से बने देश के उपराष्ट्रपति के बारे में बताते हैं:-
एम. वेंकैया नायडू
एम. वेंकैया नायडू
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार एम. वेंकैया नायडू विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी 272 वोटों से हरा कर देश के 13वें उपराष्ट्रपति बन गए है। आंध्र प्रदेश के मध्यवर्गीय किसान परिवार से आने वाले नायडू के उपराष्ट्रपति चुने जाने के साथ ही आजाद भारत के 70 वर्षो के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब देश के शीर्ष चार पदों -राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष- पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा वाले भाजपा समर्थित व्यक्ति बैठे हुए हैं।
हामिद अंसारी
हामिद अंसारी
भारत के वर्तमान उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी 10 अगस्त को अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर लेंगे। वह पहले ऐसे उप-राष्ट्रपति हैं जिन्होंने लगातार दो कार्यकाल पूरे किए हैं। अंसारी का जन्म 1937 में कोलकाता में हुआ था। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के वाइस-चांसलर भी रह चुके है। अंसारी ने गुजरात दंगों के पीड़ितों को मुआवजे दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
भैरों सिंह शेखावत
भैरों सिंह शेखावत
भैरों सिंह शेखावत देश के 11 वें उप-राष्ट्रपति बने थे, उन्होंने अगस्त 9 से 2002- 21 जुलाई 2007 तक अपना कार्यकाल बिताया। शेखावत का जन्म 23 अक्टूबर 1923 को राजस्थान में हुआ था। शेखावत को अपने राज्य में 'राजस्थान का एक ही सिंह' के नाम से भी जाना जाता है। शेखावत ने 1952 में रामगढ़ से विधायक पद जीत कर राजनीति में प्रवेश किया था।
क़ष्णकांत
क़ष्णकांत
क़ष्णकांत देश के 10वें उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 1997 से 2002 तक अपना कार्य़काल बिताया। इनके पिता बड़े कांग्रेस नेता लाला अंचित राम थे। क़ष्णकांत ने बतौर राज्यपाल देश में लंबे समय तक काम किया। वे कई वर्षों तक रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (इंस्टिट्यूट फॉर डिफेन्स स्टडीज़ एंड एनालेसिस) की कार्यकारी परिषद के सदस्य रहे। इनकी मृत्यू कार्यकाल के दौरान 27 जुलाई, 2002 को हो गई थी।
कोच्चेरील रामन नारायणन
कोच्चेरील रामन नारायणन
कोच्चेरील रामन नारायणन देश के 9वें उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 21 अगस्त 1992 से 24 जुलाई 1997 तक अपना कार्य़काल बिताया। इस पद पर पहुंचने वाले नारायणन देश के पहले दलित समुदाय के नेता थे। 1997 में नारायण देश के राष्ट्रपति भी बने। नारायण का जन्म बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था उनका जन्म 27 अक्टूबर 1920 को केरल के एक छोटे से गांव पेरुमथॉनम उझावूर, त्रावणकोर में हुआ था।
 डॉ. शंकर दयाल शर्मा
डॉ. शंकर दयाल शर्मा
डॉ. शंकर दयाल शर्मा भारत के आठवें उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 1987 से 1992 तक अपना कार्य़काल बिताया। शर्मा उप-राष्ट्रपति पद से राष्ट्रपति भी बने थे। शर्मा का जन्म 19 जुलाई,1918 को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ था। शर्मा ब्रिटिशकाल में देश के स्वंत्रतता संग्राम का हिस्सा भी रहे। अपने राजनीतिक जीवन में वे आंध्र प्रदेश, पंजाब तथा महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर रहे थे। इससे पहले वो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे।
डॉ रामास्वामी वेंकटारमन
डॉ रामास्वामी वेंकटारमन
डॉ रामास्वामी वेंकटारमन देश के 7वें उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 25 अगस्त 1984 से 25 जुलाई 1987 तक अपना कार्य़काल बिताया। उन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद वकालत में उनकी श्रेष्ठता को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें देश के उत्कृष्ट वकीलों की टीम में स्थान दिया।
मुहम्मद हिदायतुल्लाह
मुहम्मद हिदायतुल्लाह
मुहम्मद हिदायतुल्लाह देश के 6ठें उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 31 अगस्त 1979 से 30 अगस्त 1984 तक अपना कार्य़काल बिताया। उन्होंने दो अवसरों पर भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में भी कार्यभार संभाला था। वह भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश थे।
बसप्पा दनप्पा जत्ती
बसप्पा दनप्पा जत्ती
बसप्पा दनप्पा जत्ती देश के पांचवे उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 1974 से 30 अगस्त 1979 तक अपना कार्य़काल बिताया। इसके साथ ही 11 फरवरी 1977 से 25 जुलाई 1977 तक वे भारत के राष्ट्रपति भी रह चुके है। जत्ती ने राजनीति में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया।
गोपाल स्वरूप पाठक
गोपाल स्वरूप पाठक
गोपाल स्वरूप पाठक देश के चौथे उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 1969 से 1974 तक अपना कार्य़काल बिताया। पाठक राज्यसभा के सदस्य भी रहे। यह पहले वैसे उप-राष्ट्रपति थे, जो राष्ट्रपति नहीं बन पाए जबकि इनके पहले के तीन उप-राष्ट्रपति देश के राष्ट्रपति भी बने।
वीवी गिरी
वीवी गिरी
वीवी गिरी देश के तीसरे उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 1967 से 1969 तक अपना कार्य़काल बिताया। 1969 में पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद उपराष्ट्रपति वीवी गिरि कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका में थे। राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।गिरी को भारत का सबसे बड़ा सम्मान 'भारत रत्न' से भी सम्मानित किया जा चुका है। गिरि उत्तर प्रदेश, केरल और कर्नाटक के राज्यपाल भी रह चुके थे।
डॉ. जाकिर हुसैन
डॉ. जाकिर हुसैन
डॉ. जाकिर हुसैन भारत के दूसरे उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 1962 से 1967 तक अपना कार्य़काल बिताया। मात्र 23 साल की उम्र में वो दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापक सदस्य बने। हुसैन 13 मई, 1967 को भारत के पहले मुस्लिम और तीसरे राष्ट्पति बने। इन्हें देश के सबसे बड़े सम्मान 'भारत रत्न' से भी सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के पहले उप-राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने 1952 से 1962 तक अपना कार्य़काल बिताया। वह फिलॉस्फी के टीचर थे। अपने छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय राधाकृष्णन अमेरिका के व्हाईट हाउस में हेलिकॉप्टर से पहुंचने वाले विश्व के पहले व्यक्ति थे। 5 सितंबर को इनके जन्मदिन पर पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

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