देखें बनारस के घाटों पर देव दीपावली के विहंगम दृश्य

Updated On : November 15, 2016 08:26 AM
देव दीपावली पर्व पर काशी के घाटों पर कुछ ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिला। काशी के घाट कुछ इस तरह सजे दिखे जैसे मानो घाटों पर सितारें खुद उतर आयें हो। इसे देखने के लिए पूरा इलाका गंगा तट पर उमड़ आया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए और काशी के चौरासी घाटों को दीपों की महासंगम देखने को मिला।
दीपों की झिलमिलाहट से आसमान के तारे भी मानो शरमाते नजर आए। झालरों और दीपों की सजावट देखने के लिए तटों पर लोगों की भीड़ उमड़ी और यहां लोगों का मेला लगा रहा।
वाराणसी के चौरासी घाटों पर सवा लाख दीपक जलाये गये और दशाश्वमेघ घाट पर गंगा की महाआरती हुई। इस अनुपम दृश्य को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लाखों लोग आए।
दशाश्वमेघ घाट पर परंपरा है कि इस मौके पर देश के लिए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती। इस मौके पर जवानों के लिए दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी गई।
कहते हैं भगवान शिव ने जब त्रिपुरासुर नामक दैत्य का वध किया तब स्वर्ग में देवताओं ने दीपावली मनाई थी और तभी से हम इस पर्व को देव दीपावली के रूप में मनाते है। इसके अलावा मान्यता है कि आज 33 कोटि देवता पृथ्वी पर आए थे, उनके स्वागत में देव दीपावली मनाई गई थी।
अंतर राष्ट्रीय ख्याति में शुमार रखने वाले इस आयोजन का देश के सांस्कृतिक प्रेमी ही नहीं बल्कि दुनिया के दूर दराज देशों में बैठे विदेशी सैलानियों के लिए भी बेहद आकर्षक का केंद्र रहता है। दूर-दूर से सैलानी इस नजारें को देखने आते हैं।

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