सुंदरकांड-3: जब विभीषण के लाख मनाने पर भी नहीं माना रावण

Updated On : September 29, 2017 08:03 AM
सुंदरकांड-3

सुंदरकांड-3

विभीषण द्वारा बार बार समझाने के बावजूद रावण नहीं माना और राम को युद्ध की चुनौती दी। वहीं राम के लिए लंका आना आसान नहीं था। बीच में समुद्र पड़ता था जो रास्ता देने को तैयार नहीं था लेकिन राम के सामने भला किसकी चली है। हार कर समुद्र रास्ता देने को तैयार हो गया।
विभीषण रावण को समझाते हुए

विभीषण रावण को समझाते हुए

विभीषण ने रावण को समझाया कि वो राम से बैर न ले और सीता को लौटा दे। लेकिन समझाने पर नाराज हो रावण ने विभीषण को अपमानित कर लंका से निकाल दिया।
विभीषण राम की शरण में आ गया

विभीषण राम की शरण में आ गया

विभीषण लंका छोड़ राम की शरण में आ गया... और राम ने विभीषण को लंका का राजा घोषित कर दिया।
राम की सेना लंका की तरफ बढ़ी

राम की सेना लंका की तरफ बढ़ी

विभीषण ने राम की मदद करने का भरोसा दिया और उसके बाद राम की सेना लंका की तरफ बढ़ी।
समुद्र ने राम से क्षमा मांगी

समुद्र ने राम से क्षमा मांगी

राम ने समुद्र से रास्ता मांगा लेकिन समुद्र नहीं माना। फिर राम ने क्रोधित हो उसे सुखाने के लिये धनुष उठाया। समुद्र ने प्रकट हो राम से क्षमा मांगी औऱ कहा कि नल और नील दोनों भाई समुद्र पर पुल बना सकते हैं।
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