किडनी की बीमारियों से बचने के लिए अपनाये ये तरीके, रहें सेहतमंद और फिट

Updated On : Sep 25, 2017 09:13 AM

किडनी

किडनी

किडनी हमारे शरीर का बेहद जरूरी अंग है। गुर्दो में खराबी किसी भी उम्र हो सकती है। इसके दो कारण- डायबिटीज और हाईब्लड प्रेशर हैं। इसके अलावा दिल का रोग भी एक कारण होता है। ऐसे में किडनी संबंधी रोग से बचने का उपाय तो अपनाएं ही, साथ ही आठ ऐसे नियम हैं, जिन्हें अपनाकर गुर्दे की बीमारी से बचा जा सकता है। एक ताजा अनुमान है कि 17 प्रतिशत शहरी भारतीय गुर्दो के रोग से पीड़ित हैं।

तंदुरुस्त और सक्रिय रहें

तंदुरुस्त और सक्रिय रहें

तंदुरुस्त और सक्रिय रहें। इससे आपका रक्तचाप कम रहता है, जो गुर्दो की सेहत बनाए रखता है।

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें

ब्लड शुगर को नियमित रूप से नियंत्रित रखें, क्योंकि डायबिटीज वाले लोगों के किडनी खराब होने का खतरा रहता है।

ब्लड प्रेशर की निगरानी रखें

ब्लड प्रेशर की निगरानी रखें

ब्लड प्रेशर की निगरानी रखें। यह किडनी के खराब होने का का आम कारण होता हैं। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। 128 से 89 को प्रि-हाईपरटेंशन माना जाता है और इसमें लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करना होता है। 140/90 से अधिक होने पर अपने डॉक्टर से खतरों के बारे में बात करें।

सेहतमंद खाएं

सेहतमंद खाएं

सेहतमंद खाएं और वजन नियंत्रित रखें। नमक का सेवन घटाएं, प्रतिदिन केवल 5 से 6 ग्राम नमक ही लेना चाहिए। इसके लिए प्रोसेस्ड और रेस्तरां से खाना कम से कम खाएं और खाने में ऊपर से नमक न डालें। अगर आप ताजा चीजों के साथ खुद खाना बनाएं, तो इससे बचा जा सकता है।

 उचित तरल आहार लें

उचित तरल आहार लें

हर दिन डेढ़ से दो लीटर यानी तीन से चार बड़े गिलास पानी पीने की सलाह देता है। काफी मात्रा में तरल लेने से गुर्दो से सोडियम, यूरिया और जहरीले तत्व साफ हो जाते हैं, जिससे गुर्दो के लंबे रोग पैदा होने का खतरा काफी कम हो जाता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा तरल भी न लें,क्योंकि इसके प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं।

धूम्रपान न करें

धूम्रपान न करें

धूम्रपान न करें, इससे रक्त का बहाव कम होता है और इससे किडनी के कैंसर का खतरा भी 50 प्रतिशत बढ़ जाता है।

अपनी मर्जी से दवाएं न खाएं

अपनी मर्जी से दवाएं न खाएं

अपनी मर्जी से दवाएं न खाएं। आईब्रूफेन जैसी दवाएं अगर नियमित तौर पर ली जाएं तो यह किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

किडनी की कार्यप्रणाली की जांच करवाएं

किडनी की कार्यप्रणाली की जांच करवाएं

अगर आपको एक या ज्यादा हाई रिस्क फैक्टर हैं, तो किडनी की कार्यप्रणाली की जांच जरूर करवाएं।

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