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World Suicide Prevention Day: अवसाद और आत्महत्या के इन संकेतों को जान लें

न्‍यूज स्‍टेट ब्‍यूरो  |   Updated On : September 10, 2019 02:48:29 PM
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

नई दिल्‍ली:  

World Suicide Prevention Day: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनियाभर में हर साल 8 लाख लोग आत्महत्या (Suicide) करते हैं. यानी हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति अपनी जान ले लेता है. WHO की ओर से आत्महत्या (Suicide) पर जारी ग्लोबल डाटा के मुताबिक आत्महत्या (Suicide) करने वालों में 15 से 29 साल के लोगों की तादाद सबसे ज्यादा है. खुदकुशी या आत्महत्या (Suicide) के बारे में लोग अक्सर बात करने से हिचकते हैं. ऐसे में होता यह है कि जो लोग खुदकुशी करने के विचारों या जज़्बात से जूझ रहे होते हैं, वो किसी से बात नहीं कर पाते और खुद को अकेला महसूस करते हुए खुदकुशी के विकल्प को आखिरी हल मान बैठते हैं.

आत्महत्या (Suicide) के मामलों से जुड़ा एक बड़ा तथ्य यह भी है कि ये रास्ता इख्तियार करने वाले लोगों की बातों या बर्ताव में कुछ लक्षण देखे जाते हैं, जो वास्तव में संकेत होते हैं. लेकिन समाज जिस तरह इस विषय को दरकिनार करता है, ऐसे संकेतों के बारे में भी हम जागरूक नहीं हो पाते. ताज़ा मामले में सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ की खुदकुशी की खबरें चर्चा में हैं. आप भी जानते हैं कि खुदकुशी की खबरें लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं.

क्या ये माना जा सकता है कि तनाव, चिंता, हताशा या निराशा जैसे लक्षण इन केसों में देखने को नहीं मिले थे! अगर ये संकेत समझे जाते तो क्या इन्हें बचाया नहीं जा सकता था? कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक-चेयरमैन वी.जी. सिद्धार्थ की संदिग्‍ध हालात में मौत और उनका सुसाइड नोट इस बात पर हमें सोचने को मजबूर करती है कि पैसा हर समस्या का समाधान है लेकिन ऐसा नहीं है. बड़ा कारोबार बड़ी देनदारियां और बड़ा तनाव भी लाता है. ऐसी ही धारणाएं और उनसे जुड़े तथ्य जानिए.

खुदकुशी के बारे में आए विचार तो खुलकर बातें करें

अगर आपको खुदकुशी करने जैसे विचार आते हैं या आपके किसी करीबी को, जिसे आप ऐसे खयालों से छुटकारा दिलाना चाहते हैं, तो सबसे ज़रूरी यही है कि इस बारे में बातचीत करें. अगर इस बारे में खुलकर बात नहीं की, तो आप अपने खयालों में उलझते जाएंगे.आप अलग थलग या अकेला महसूस करने लगेंगे और आपको मदद मिलने के रास्ते बंद हो जाएंगे.

नाउम्मीदी या हताशा 

जब आप किसी दुख, तनाव, नाउम्मीदी या हताशा से गुज़र रहे होते हैं तो मन में बार-बार खुदकुशी के खयाल आते हैं. आपको बहुत सारे ऐसे लोग मिल जाएंगे, जो मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं लेकिन खुदकुशी नहीं की और ये भी एक तथ्य है कि जितने लोगों ने खुदकुशी की है, सभी मानसिक समस्याओं से नहीं जूझ रहे थे.

ज़्यादातर मामलों में कोई संकेत नहीं मिलता

खुदकुशी करने वाले ज़्यादातर लोगों की बातों या व्यवहार में कुछ हफ्तों पहले से कुछ संकेत साफ दिखे. कुछ मामले ऐसे भी होते हैं, जिनमें खुदकुशी को लेकर कोई विचार नहीं किया जाता, किसी क्षणिक आवेग में जान दे दी जाती है. लेकिन, ऐसे मामलों में भी खुदकुशी से ठीक पहले एक खास किस्म की चिंता, तनाव, हताशा या इस तरह का कोई और लक्षण ज़रूर दिखता है. ऐसे संकेतों को समय रहते समझा जाए और उनका निदान किया जाए.

खुदकुशी की बार-बार बातें करने वालों को काउंसलिंग की जरूरत

खुदकुशी के खयालों से अगर कोई पीड़ित रहा है और हालात बदलने के बाद वह सामान्य हुआ है, तो मुमकिन है कि बाद में फिर ऐसे कदम उठा ले. खुदकुशी के लिए प्रेरित होने वाले खयाल स्थायी नहीं होते, ये हालात पर निर्भर करते हैं और ये भी ज़रूरी नहीं कि इन खयालों के चलते हर हाल में कोई खुदकुशी कर ही ले.

सही समय पर मदद की जरूरत

खुदकुशी की एक कोशिश के बाद कुछ ने स्पष्ट तौर पर माना कि वो आगे जीना चाहते हैं और ज़्यादातर ने खुदकुशी की एक कोशिश के बाद कभी दूसरी कोशिश नहीं की. अगर सही समय पर मदद मिल जाए, तो इस मुश्किल से छुटकारा संभव है.

डिप्रेशन के लक्षण

1- नींद में बदलाव - डिप्रेशन में व्यक्ति या तो बहुत सोने लगता है या फिर उसको नींद न आने की परेशानी शुरू हो जाती है.

2- भूख कम या अधिक लगना - डिप्रेशन कई प्रकार का होता है. जिसमें कुछ लोगों को कुछ भी खाने का मन नहीं करता है. उन्हें भूख महसूस नहीं होती है. वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों को ज्यादा भूख लगती है और उनका मन किसी एक चीज खाने के लिए करता है.

3- अपराध की भावना - कई बार डिप्रेशन में लोगों को हमेशा यह लगता है कि जो कुछ भी गलत हुआ है. वो उनकी वजह से ही हुआ है. इस वजह से वो लोग अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं.

4 - वजन में बदलाव आना - डिप्रेशन में आपके वजन में बदलाव होता है. कुछ लोगों का वजन बढ़ जाता है तो कुछ लोगों का वजन घट जाता है. डिप्रेशन में इंसान के वजन में 5% का बदलाव हर महीने होता है.

5 - उदास रहना या अकेला महसूस करना - कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोग दोस्तों या फिर परिवार के बीच भी खुश नहीं रह पाते. वो भीड़ में भी खुद को अकेला महसूस करते हैं.

6 - थकान या फिर सुस्ती महसूस करना - डिप्रेशन में कई बार ऐसा होता है कि बिना किसी मेहनत के भी थकान और सुस्ती महसूस होती है. शरीर में दर्द रहना और चेहरे पर थकान दिखना भी डिप्रेशन का सबसे बड़ा लक्षण है.

7 - भीड़ से भागना - जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार होता है तो उसके अंदर एक ये लक्षण भी देखने को मिलता है कि वो अकेले रहना ज्यादा पसंद करता है. उसका अपना एक जोन होता है. जिसके अंदर ही वो रहता है.

8 - एकाग्रता में कमी - डिप्रेशन में आपके दिमाग में कई तरह की बातें चलती रहती हैं. इसकी वजह से आप अपने काम में ध्यान नहीं दे पाते हैं और महत्वपूर्ण कामों से आपका ध्यान हटने लगता है. दूसरी बातों में आपका ध्यान केंद्रित होने लगता है. जिसकी वजह से आप कई बातें भूलने भी लगते हैं.

9 - गुस्सा आना - छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आना. इसके अलवा हर वक्त चिड़चिड़ापन महसूस करना. ये भी इस डिप्रेशन का सबसे बड़ा लक्षण है. डिप्रेशन में व्यक्ति हर छोटी बात या यूं कहें कि बिना मतलब भी गुस्सा हो जाता है.

10 - खुदकुशी करने के विचार - डिप्रेशन में कई व्यक्ति अपनी जिंदगी से इतना परेशान हो जाते हैं कि हर वक्त खुदकुशी करने के बारे में सोचते रहते हैं. उनको अपनी लाइफ के साथ-साथ ये दुनिया भी बेकार लगती है.

11 - मन में डर- डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति के मन में अगर किसी तरह का डर बैठ जाता है तो वह उसे ही सच मान लेता है और उसी के बारे में सोचने लगता है. जैसे- अंधेरे, बंद कमरे, किसी व्यक्ति का डर, या फिर किसी हादसे का डर.

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कैसे पाएं डिप्रेशन से छुटकारा

अगर आप भी हैं डिप्रेशन के शिकार तो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में छोटे-छोटे बदलाव लाते हुए ख़ुद को व्यवस्थित कर लीजिए. साथ ही ख़ुद को और अपने शरीर को समय दें.

  • डिप्रेशन से शिकार व्यक्ति को ऐसे व्यक्ति से बात करनी चाहिए जिस पर वो सबसे ज्यादा भरोसा करता है.
  • अगर आप डिप्रेशन के शिकार हैं तो आप नियमित व्यायाम करें क्योंकि अवसाद को दूर करने का सबसे अच्छा तरीक एक्सरसाइज़ है. 
  • सेहतमंद और संतुलित भोजन करें. ऐसा माना जाता है कि सेहतमंद और संतुलित भोजन से मन खुश रहता है.
  • म्यूजिक एक ऐसी चीज है जिसे सुनने के बाद मन फ्रेश हो जाता है. इसलिए ऐसा कहा गया है कि अगर डिप्रेशन से निजात चाहिए तो अपने पसंद का म्यूजिक जरूर सुनें.
  • कहते हैं कि अपने मन के भाव यदि आप किसी से व्यक्त नहीं कर सकते तो पेन और पेपर लेकर उन्हें लिख डालें. इससे मन हल्का हो जाता है.
  • डिप्रेशन से ग्रसित लोगों को हमेशा अच्छे दोस्तों के बीच रहना चाहिए जो आपका मूड अच्छा करें. ऐसे समय में नकरात्मक लोगों से दूर रहना चाहिए.
  • अपनी पुरानी भूल और गलतियों का शिकवा करना आपको पूरी तरह से अवसाद के चंगुल में फंसा सकता है. इसलिए पुरानी बातों को सोचने के बाजय आज पर फोकस करें.
  • अपने नौकरी की समीक्षा कीजिए. कहीं आपके डिप्रेशन का कारण आपकी नौकरी तो नहीं. अगर आपको लगता है कि इस वजह से आप परेशान रहते हैं तो इस नौकरी को छोड़कर कोई दूसरा ऑप्शन चुनें. 
First Published: Sep 10, 2019 02:48:29 PM

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