किसकी मौत पर शुरू हुई थी Valentine Day मनाने की प्रथा, जानें क्या है पूरी कहानी

News State Bureau  |   Updated On : February 13, 2020 11:49:58 PM
किसी की मौत पर शुरू हुई थी वैलेंटाइन-डे मनाने की प्रथा, जानें क्या है

किसी की मौत पर शुरू हुई थी वैलेंटाइन-डे मनाने की प्रथा, जानें क्या है (Photo Credit : फाइल फोटो )

ख़ास बातें

  •  वैलेंटाइन डे की नींव किसी की मौत पर रखी गई है.
  •  रोम में राजा क्लाडियस का सम्राज्या हुआ करता था
  •  क्लाडियस ने एक तुगलकी फरमान सुना डाला

नई दिल्ली :  

कहते हैं कि दुनिया में हर खूबसूरत रिश्ता प्यार की डोर से बंधा हुआ है. हर साल प्यार करने वाले वैलेंटाइन डे का बेसब्री से इंजतार करते हैं. इस दिन को प्यार का प्रतीक माना जाता है. प्रेमी जोड़े एक दूसरे को तरह-तरह के गिफ्ट देकर एक दूसरे से अपने प्यार और स्नेह का इजहार करते हैं लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि वैलेंटाइन डे की नींव किसी की मौत पर रखी गई है.

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वैलेंटाइन डे सुनते ही मन में खूबसूरत विचार , प्यार और स्नेह के भाव आने लगते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि वैलेंटाइन डे की शुरूआत कब और कहां से हुई है. माना जाता है कि सदियों पहले रोम में राजा क्लाडियस का सम्राज्या हुआ करता था, राजा क्लाडियस अपनी ताकत, पराक्रम और अपने दृढ़ निश्चय के लिए दुनिया में जाना जाता था. काफी सारे युद्ध जीतने के बाद एक दिन क्लाडियस ने अपने सम्राज्य को विश्व शक्ति बनाने की ठानी, और इस बात के लिए एक तुगलकी फरमान सुना डाला. इस फरमान में राजा ने अपने सम्राज्य के पुरुषों को शादी ना करने के आदेश दिए. क्लाडियस का मानना था कि शादी करने से पुरुष की बौद्धिक और शारीरिक शक्ति का नाश हो जाता है. वह अपने सम्राज्य के पुरुषों को श्रेष्ठ बनाए रखना चाहता था.

बता दें राजा क्लाडियस के इस फरमान ने सम्राज्य में हलचल पैदा कर दी थी. वहीं राज्य की महिलाओं ने इस फरमान का विरोध करना शुरू किया. जिसके चलते लोग धार्मिक संतों के पास पहुंचने लगे. उन्हीं में से एक संत वैलेंटाइन थे. संत वैलेंटाइन ने क्लाडियस के फरमान का पुरजोर विरोध किया. साथ ही लोगों की शादी कराना शुरू कर दिया. और लोगों को गृहस्थ जीवन के लिए प्रेरित किया.

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माना जाता है कि राजा क्लाडियस के हुक्म की नाफरमानी के जुर्म में 14 फरवरी सन 269 को संत वैलेंटाइन को गिरफ्तार करने के आदेश दिए. संत वैलेंटाइन को गिरफ्तार करके राजा के सामने पेश किया गया. क्लाडियस ने संत वैलेंटाइन को सजा-ए -मौत का फरमान सुनाया. जिसके बाद संत वैलेंटाइन को 14 फरवरी के दिन ही फांसी के तख्ते पर लटका दिया गया. संत की मौत के बाद ही वैलेंटाइन डे मनाने के प्रथा की शुरूआत हुई

First Published: Feb 13, 2020 06:50:16 PM
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