आज राज्यपाल राम नाईक से मिलेगा सपा-बसपा का प्रतिनिधिमंडल
Wednesday, 13 February 2019 11:02 AM

लखनऊ:  

पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आज इसकी गूंज सियासी गलियारों में सुनाई देगी. इसके विरोध में सपा-बसपा का प्रतिनिधिमंडल सुबह 10 बजे राजभवन में राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात करेगा. यूपी के अलग-अलग जिलों में अभी तक 296 सपाइयों के खिलाफ दर्ज एफआईआर हुई है.

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यूपी की योगी सरकार ने मंगलवार को प्रयागराज की इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जा रहे अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर रोक दिया था. इसके विरोध में सपाइयों ने जगह-जगह हंगामा किया. इसी के तहत बुधवार को विधानभवन से लेकर राजभवन तक सपाई अपना रोष व्यक्त करेंगे. राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात करने वाला प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेता विरोधी दल विधानपरिषद अहमद हसन और बसपा नेता विधानमंडल दल लालजी वर्मा करेंगे. वह राज्य सरकार के रवैये को लेकर राज्यपाल के सामने विरोध करेंगे और इस पर उचित कार्रवार्ई की मांग करेंगे. साथ ही सपा-बसपा ने विधानसभा और विधानपरिषद की कार्रवाई न चलने देने का भी ऐलान किया है. वहीं, अखिलेश यादव को रोके जाने के विरोध में सपाइयों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर हमला और बलवा करने की धाराओं में अलग-अलग जिलों में कुछ 296 सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. अकेले प्रयागराज में 250 मुकदमा दर्ज हुआ, जिनमें से कर्नलगंज थाने में 46 नामजद केस दर्ज हुए हैं. नामजद मुकदमे में सपा नेता व सांसद धर्मेंद्र यादव, सांसद नागेंद्र सिंह पटेल और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल आदि शामिल हैं.

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गौरतलब है कि मंगलवार सुबह पूर्व सीएम अखिलेश यादव लखनऊ एयरपोर्ट से प्रयागराज के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया. वह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे. इसके बाद उन्होंने अपने टि्वटर पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार मेरे एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से इतना डर ​​रही है कि मुझे लखनऊ एयरपोर्ट पर रोका जा रहा है. इसके बाद अखिलेश यादव ने कई ट्वीट किए और कहा कि बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया. पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे. छात्रसंघ कार्यक्रम में जाने से रोकना का एक मात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है. वहीं, इससे पहले अखिलेश यादव के घर पर भी सुबह फोर्स लगाई गई थी और रोकने की कोशिश हुई थी. लेकिन इसके बाद भी अखिलेश यादव एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें उड़ान भरने से रोका गया है. इस घटना के बाद सदन में भी अखिलेश यादव को एयरपोर्ट पर रोके जाने का मामला गूंजा. इसके बाद सपा सदस्यों ने विधानसभा और विधानपरिषद की कार्यवाही से वॉक आउट कर लिया और सपा के सभी सदस्य एयरपोर्ट को रवाना हो गए.

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने अपने ट्वीट में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इलाहाबाद नहीं जाने देने कि लिए उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निंदनीय व बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या का प्रतीक है. उन्होंने कहा, 'क्या बीजेपी की केंद्र व राज्य सरकार बसपा-सपा गठबंधन से इतनी ज्यादा भयभीत व बौखला गई है कि उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधि व पार्टी प्रोग्राम आदि करने पर भी रोक लगाने पर वह तुल गई है. अति दुर्भाग्यपूर्ण. ऐसी आलोकतंत्रिक कार्रवाइयों का डट कर मुकाबला किया जाएगा.'

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