सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी के खिलाफ एरिक्सन की अवमानना याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
Wednesday, 13 February 2019 06:12 PM

नई दिल्ली:  

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी, रिलायंस कम्युनिकेशन के CEO सतीश सेठ और डायरेक्टर छाया विरानी के खिलाफ अवमानना याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. घंटों चली पूरी सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी कोर्ट रूम में खड़े रहे. मामला अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम पर एरिक्सन के 550 करोड़ रुपए के कर्ज का है. कोर्ट के आदेश के मुताबिक ये रकम 30 सितंबर तक चुका देनी थी. लिहाजा एरिक्सन ने अवमानना याचिका दायर की थी.

एरिक्सन कंपनी की दलील

एरिक्सन कंपनी की ओर से वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि अनिल अंबानी के पास हजारों करोड़ की निजी सम्पति है, वो एक राजा की तरह बड़े महल में रहते है, प्राइवेट जेट में उड़ान भरते हैं. फिर भी ऐसा शख्स 550 करोड़ नहीं चुका सकता.

दवे ने कहा कि अंबानी के पास राफेल के लिए रकम है. एक ऐसा शख्स जो हर संभव प्रोजेक्ट में शामिल है, उसके पास देनदारी चुकाने के लिए 550 करोड़ रुपये नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के पेमेंट चुकाने के दिये आदेशों से साफ है कि आरकॉम को 550 करोड़ चुकाने थे. दवे ने एसबीआई चेयरमैन के खिलाफ भी अदालत की अवमानना का मामला चलाने की मांग की.

अनिल अंबानी की ओर से दलील

अनिल अंबानी की ओर से पूर्व अटॉनी जनरल मुकुल रोहतगी पेश हुए. रोहतगी ने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशन बुरे हालात का शिकार हुई. ये एक लिस्टेड कंपनी है, जिसके बड़ी सँख्या में शेयर धारक है. भुगतान में हुई कमी के लिए एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

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रोहतगी ने कहा कि एरिक्सन को पेमेंट को लेकर कोई बिना शर्त अंडरटेकिंग रिलांयस कॉम की ओर से सुप्रीम कोर्ट को नहीं दी गई. कंपनी का कहना था कि अगर जियो के साथ सौदा हो गया, तो भुगतान हो जातेगा और ये डील नहीं हो पाई.

कपिल सिब्बल की दलील

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी जिरह की. हालांकि उन्होंने साफ किया, वो अनिल अंबानी नहीं, रिलायंस के 2 अधिकारियों के लिए जिरह कर रहे हैं. सिब्बल ने दलील दी कि एरिक्सन का बकाया इसलिए नहीं चुकाया गया, क्योंकि आरकॉम का रिलायंस जियो के साथ स्पेक्ट्रम बिक्री का सौदा टूट गया.

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