इंदिरा जय सिंह मुझे नसीहत देने वाली होती कौन हैं? दोषियों को माफ करने की सलाह पर बोलीं निर्भया की मां

News State Bureau  |   Updated On : January 18, 2020 10:38:22 AM
इंदिरा जय सिंह मुझे नसीहत देने वाली होती कौन हैं? दोषियों को माफ करने की सलाह पर बोलीं निर्भया की मां

इंदिरा जय सिंह मुझे नसीहत देने वाली होती कौन हैं: निर्भया की मां (Photo Credit : ANI Twitter )

नई दिल्‍ली :  

निर्भया की मां आशा देवी ने वरिष्‍ठ वकील इंदिरा जयसिंह की नसीहत पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आशा देवी ने कहा है कि इंदिरा जयसिंह मुझे यह नसीहत देने वाली होती कौन हैं? पूरा देश निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ते देखना चाहता है. इंदिरा जयसिंह जैसे लोगों के चलते ही बलात्‍कार पीड़िताओं को न्‍याय मिलने में देरी होती है. आशा देवी ने कहा, विश्वास नहीं हो रहा है कि इंदिरा जयसिंह ने इस तरह का सुझाव देने की हिम्मत भी कैसे की. मैं सुप्रीम कोर्ट में कई वर्षों में उनसे मिली. एक बार भी उन्‍होंने मेरी संवेदना को लेकर कुछ नहीं पूछा और आज वह दोषियों को माफ करने की बात कह रही हैं. कुछ लोग बलात्कारियों का समर्थन करके अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं, इसलिए बलात्कार की घटनाएं बंद नहीं होती हैं. 

इससे पहले वरिष्‍ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां से दोषियों को माफ करने की सलाह दी थी. इंदिरा जय सिंह ने निर्भया की मां से सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का अुनसरण करने की अपील करते हुए कहा, जिस तरह से राजीव गांधी (Rajeev Gandhi) की हत्या के मामले में सोनिया गांधी ने दोषी नलिनी (Nalini) को माफ कर दिया था, उसी तरह निर्भया की मां को भी करना चाहिए.

यह भी पढ़ें : समन के बाद भी कोर्ट में मौजूद नहीं थे निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह, बुरे फंसे

इंदिरा जयसिंह ने कहा, मैं आशा देवी का दर्द समझती हूं. फिर भी मैं उनसे अपील करती हूं कि वह सोनिया गांधी के उदाहरण का अनुसरण करें, जिन्‍होंने नलिनी को माफ कर दिया और कहा कि वह उनके लिए मृत्युदंड नहीं चाहतीं. हम आपके साथ हैं, पर मृत्‍युदंड के खिलाफ हैं.

यह भी पढ़ें : 'गुड़िया' गैंगरेप केस में कोर्ट आज सुनाएगा फैसला, 5 साल की मासूम की साथ हुई थी हैवानियत

इससे पहले नया डेथ वारंट जारी होने पर निर्भया की मां ने कहा था, दोषी जैसा चाहते हैं वैसा ही हो रहा है. तारीख पर तारीख मिल रही हैं. हमारा सिस्टम ऐसा है जहां मुजरिम की ही सुनी जाती है. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट में सरकारी वकील इरफान ने कोर्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी है, लिहाजा कोर्ट को नया डेथ वारंट जारी करना चाहिए. ऐसी सूरत में दोषी मुकेश की ओर से दायर अर्जी का अब कोई औचित्य नहीं रह जाता क्योंकि राष्ट्रपति दया अर्जी खारिज कर चुके हैं.

First Published: Jan 18, 2020 09:35:36 AM

न्यूज़ फीचर

वीडियो