उन्नाव केसः कुलदीप सिंह सेंगर ने तीस हजारी कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती

News State Bureau  |   Updated On : January 15, 2020 04:48:53 PM
कुलदीप सिंह सेंगर

कुलदीप सिंह सेंगर (Photo Credit : फाइल फोटो )

नई दिल्ली :  

उन्नाव रेप (Unnao Rape case) मामले के दोषी पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Sigh Sengar) ने तीस हजारी कोर्ट (Tees hazari court) के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सेंगर को दी गई सजा में यह साफ कर दिया गया है कि जब तक उसकी सांस चलेगी, तब तक वह जेल में ही रहेगा. साथ ही उस पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है. 

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जज ने फैसला पढ़ते हुए कहा, कहा- वो पब्लिक सर्वेट था, लेकिन जनता के साथ विश्वासघात किया. पीड़ित परिवार को प्रताड़ित किया और उसकी ओर से धमकियां दी गईं. कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. बीते मंगलवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) में सुनवाई हुई. कोर्ट ने 20 दिसंबर तक फैसला सुरक्षित रख लिया था. सजा पर बहस के दौरान सीबीआई ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा देने की मांग की. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि यह मामला केवल रेप का नहीं है, इसमें बड़ी बात मानसिक उत्पीड़न की है.

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सजा पर बहस के दौरान सेंगर के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनकी उम्र 54 साल है और उनका पूरा करियर लोगों की सेवा में बीती है. 2002 से लगातार वो जनता की मांग पर चुनाव लड़े और विधायक बने. वकील ने यह भी कहा कि सेंगर की दो बेटियां भी हैं जो शादी के लायक हैं, ऐसे में उनको कम से कम सजा दी जानी चाहिए.

कुलदीप सेंगर पर अभी तीन और मामले कोर्ट में चल रहे हैं. रेप के एक मामले में सेंगर को दोषी करार दिया गया है. सेंगर को 14 अप्रैल, 2018 को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में कोर्ट ने शशि सिंह को संदेह के घेरे में तो रखा लेकिन मामले में पुख्ता सबूत न होने के कारण संदेह का लाभ देते हुए उन्हें इस मामले से बरी कर दिया.

First Published: Jan 15, 2020 04:28:13 PM
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