राज्यसभा में TMC और SP करेगी जम्‍मू-कश्‍मीर आरक्षण विधेयक का समर्थन, जानें क्यों

News State Bureau  |   Updated On : July 01, 2019 05:42:59 PM
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और सपा सुप्रीम अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और सपा सुप्रीम अखिलेश यादव (फाइल फोटो) (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

राजसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) बीजेपी के साथ नजर आ रही है. दोनों पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण विधेयक 2019 और राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन को छह माह और बढ़ाने के प्रस्‍ताव को समर्थन करने का ऐलान किया है. बता दें कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के धुर विरोधी रही दोनों पार्टियां राज्यसभा में साथ हो गई हैं. इन दोनों प्रस्ताव पर शाम 7 बजे अमित शाह राज्यसभा में बोलेंगे.

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बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्‍यसभा में जम्‍मू-कश्‍मीर आरक्षण विधेयक और राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन को छह माह और बढ़ाने के प्रस्‍ताव को पेश किया. उन्‍होंने कहा, जम्‍मू-कश्‍मीर आरक्षण विधेयक से राज्‍य के 435 गांवों को फायदा मिलेगा. उन्‍होंने कहा, राज्‍य के जम्‍मू, सांबा और कठुआ को इस बिल का लाभ मिलेगा.

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जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पेश करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 2 जुलाई को राष्ट्रपति शासन की अवधि खत्म हो रही है. 20 जून 2018 को पीडीपी सरकार के पास समर्थन न होने और फिर किसी भी पार्टी द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश न करने के चलते वहां 6 माह के लिए राज्यपाल शासन लगा दिया गया था. 21 नवंबर 2018 को विधानसभा भंग कर दी गई थी. राज्यपाल शासन के बाद केंद्र सरकार ने धारा 356 का इस्तेमाल कर राज्‍य में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया. इसी प्रस्‍ताव को छह माह और बढ़ाने का प्रस्‍ताव राज्‍यसभा में पेश किया गया.

First Published: Jul 01, 2019 04:10:28 PM
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