BREAKING NEWS
  • Horoscope, 14 October: जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन, पढ़िए 14 अक्टूबर का राशिफल- Read More »
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ के साथ गर्मजोशी भरी मुलाकात से सियासी माहौल गरम- Read More »
  • बोधगया में बौद्ध भिक्षुओं ने किया ऐसा काम कि बुलानी पड़ी पुलिस- Read More »

सुप्रीम कोर्ट करेगा मराठा आरक्षण पर सुनवाई, महाराष्ट्र सरकार से 2 हफ्ते में जवाब मांगा

News State Bureau  |   Updated On : July 12, 2019 03:12:48 PM
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने महाराष्ट्र सरकार को मराठा आरक्षण के मामले में नोटिस जारी कर 2 हफ्ते में जवाब मांगा है. दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) द्वारा मराठा आरक्षण को बरकरार रखने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य में अब जो भी एडमिशन होंगे वो सुप्रीम कोर्ट के आखिरी फैसले के आधार पर होंगे.

यह भी पढ़ें: CPAI के इंटरनेशनल सम्मेलन में होगी कमोडिटी मार्केट के विकास पर बड़ी चर्चा

महाराष्ट्र सरकार ने 16 फीसदी रिजर्वेशन की सिफारिश की थी
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने विधानसभा में कानून बनाकर मराठों को शैक्षिक संस्थानों में एडमिशन और सरकारी नौकरियों में 16 फीसदी रिजर्वेशन की सिफारिश की थी. राज्य सरकार के इस कानून को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. हाई कोर्ट ने आरक्षण के फैसले को बरकरार रखते हुए आरक्षण की सीमा शैक्षिक संस्थानों में को घटाते हुए 12 फीसदी और सरकारी नौकरियों में 13 फीसदी कर दी.

यह भी पढ़ें: एयर इंडिया (Air India) को किसी भारतीय कंपनी को देने की कोशिश, सरकार का बड़ा बयान

सुप्रीम कोर्ट में एक NGO की ओर से दायर याचिका के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण पर 50 फीसदी समयसीमा तय की है. इस आधार पर बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर कहा था कि सरकार एक अलग श्रेणी बनाकर सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मराठों को आरक्षण दे सकती है.

यह भी पढ़ें: राजद अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट से मिली जमानत पर जेल से नहीं निकल पाएंगे

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने की थी 12-13 फीसदी आरक्षण की सिफारिश
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठा समुदाय को 12 से 13 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की थी. बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट अर्जी दायर की थी. अर्जी में कहा गया था कि अगर हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कोई अपील आती है तो सुप्रीम कोर्ट महाराष्ट्र सरकार का पक्ष सुने बगैर कोई फैसला नहीं लें.

First Published: Jul 12, 2019 03:12:48 PM
Post Comment (+)

न्यूज़ फीचर

वीडियो