पी. चिदंबरम को लेने बेटे कार्ति चिदंबरम पहुंचे तिहाड़ जेल, साथ में ज्योतिषी भी मौजूद

न्यूज स्टेट ब्यूरो  |   Updated On : December 04, 2019 07:09:25 PM
कार्ति चिदंबरम

कार्ति चिदंबरम (Photo Credit : ANI )

नई दिल्ली:  

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जमानद दे दी. बुधवार की शाम को वे तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे. पिता को लेने के लिए बेटे कार्ति चिदंबरम तिहाड़ जेल के बाहर पहुंच चुके हैं. साथ में ज्योतिषी भी मौजूद है. ज्योतिष पंजाब के पंचानंद महाराज हैं. चिदंबरम को न्यायिक मामलों में राहत दिलाने के लिए पूजा पाठ और ज्योतिषी उपाय करने वाले पंजाब के पटियाला से पंचानंद गिरी महाराज आए हैं.

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कार्ति चिदंबरम ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मेरे पिताजी को जमानत मिल गई है. अब वह घर लौट आएंगे. उन्हें जानबूझकर राजनीति की वजह से निशाना बनाया गया. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब सरकार की आलोचना की वजह से हुआ. 2007 का मामला 2017 में दर्ज हो रहा है. बीजेपी को जो कहना हो कहे, हम कोर्ट में जवाब देंगे. कार्ति चिदंबरम ने बताया कि पी. चिदंबरम गुरुवार को 11 बजे संसद में आएंगे. पहले की तरह हर मुद्दे पर बोलते रहेंगे. पी चिदंबरम तमिलनाडु से राज्यसभा सांसद हैं. बता दें कि पी. चिदंबरम को 105 दिन जेल में बिताने के बाद जमानत मिली है.

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कोर्ट ने कहा है कि वह बिना मंजूरी के यात्रा नहीं कर सकते और जब भी जरूरत हुई पूछताछ के लिए आना होगा. इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया में उनकी ओर से किसी भी तरह के बयान देने पर भी रोक लगा दी है. उन्‍हें यह जमानत दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर दी गई है. जस्टिस आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई कर 28 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. पी. चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के उन्हें जमानत न देने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपील दायर की थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री ईडी की हिरासत में थे.

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पी चिदंबरम इस मामले को प्रभावित कर सकते हैं, इस बिना पर ईडी ने उनकी जमानत अर्जी का विरोध किया था. दूसरी ओर, चिदंबरम का तर्क था कि एजेंसी के आरोप निराधार हैं और वह उनका करियर खत्म नहीं कर सकती. ईडी ने उन्हें इसी साल 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. पी चिदंबरम की जमानत अर्जी पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पी. चिदंबरम को सबूतों और गवाहों को प्रभावित नहीं करना चाहिए. वे इस मामले के संबंध में पत्रकारों को इंटरव्‍यू नहीं दे सकते और सार्वजनिक रूप से बयान भी नहीं दे सकते.

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सुप्रीम कोर्ट ने पी. चिदंबरम को निर्देश दिया कि वे 2 लाख रुपये की जमानत राशि पेश करें. कोर्ट ने यह भी कहा कि कोर्ट की अनुमति के बगैर पी चिदंबरम विदेश यात्रा नहीं कर सकते. इससे पहले, जमानत पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया था कि पूर्व वित्त मंत्री हिरासत में होने के बावजूद महत्वपूर्ण गवाहों पर अपना ‘प्रभाव’ रखते हैं. जांच में निदेशालय ने 12 बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें इस अपराध से मिली रकम जमा की गई और एजेंसी के पास ऐसी 12 संपत्तियों का भी ब्योरा है, जिन्हें कई अन्‍य देशों में खरीदा गया है.

First Published: Dec 04, 2019 06:46:01 PM
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