देश में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से अलर्जी है, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की खरी-खरी

News State  |   Updated On : January 13, 2020 07:36:23 AM
देश में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से अलर्जी है, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की खरी-खरी

उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने एक कार्यक्रम में कही यह बात. (Photo Credit : न्यूज स्टेट )

ख़ास बातें

  •  वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से एलर्जी है.
  •  धर्मनिरपेक्षता का मतलब दूसरे धर्मो का अपमान नहीं है.
  •  धर्मनिरपेक्ष संस्कृति भारतीय लोकाचार का एक हिस्सा है.

नई दिल्ली:  

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि भारत में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से एलर्जी है. उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने के लिए है. श्री रामकृष्ण मठ द्वारा प्रकाशित तमिल मासिक श्री रामकृष्ण विजयम के शताब्दी समारोह और स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में वेंकैया ने कहा कि भारत में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से एलर्जी है. यद्यपि यह ठीक नहीं है, फिर भी उन्हें इस तरह का दृष्टिकोण रखने का अधिकार है.

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धर्मनिरपेक्ष संस्कृति भारतीय लोकाचार
नायडू ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब दूसरे धर्मो का अपमान नहीं है, जबकि धर्मनिरपेक्ष संस्कृति भारतीय लोकाचार का एक हिस्सा है. उन्होंने कहा कि देश ने हमेशा पीड़ित लोगों को शरण प्रदान किया है. नायडू ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक सामाजिक सुधारक थे और उन्होंने पश्चिम में हिंदुत्व से परिचय कराया.

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कुछ लोग सीएए पर पैदा कर रहे विवाद
उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि वह ऐसे देश से हैं, जिसने विभिन्न देशों में प्रताड़ित लोगों और शरणार्थियों को शरण दी है. नायडू ने सीएए का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब प्रताड़ित लोगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, जबकि कुछ तत्व इसके बारे में विवाद पैदा कर रहे हैं.

First Published: Jan 13, 2020 07:36:23 AM

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