BREAKING NEWS
  • Nude Photo Shoot: सोशल मीडिया पर धमाल मचा रहा है मराठी एक्ट्रेस का फोटोशूट, फैंस हुए बेकाबू- Read More »

समस्त राष्ट्र को 'जय श्रीराम', सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर साध्वी प्रज्ञा ने दिया ये बड़ा बयान

न्यूज स्टेट ब्यूरो  |   Updated On : November 09, 2019 02:40:20 PM
समस्त राष्ट्र को 'जय श्रीराम', कोर्ट के फैसले पर बोलीं साध्वी प्रज्ञा

समस्त राष्ट्र को 'जय श्रीराम', कोर्ट के फैसले पर बोलीं साध्वी प्रज्ञा (Photo Credit : Twitter )

भोपाल:  

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के सर्वसम्मत ऐतिहासिक फैसले पर भारतीय जनता पार्टी की सांसद और हिंदू कट्टरवादी छवि की नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने स्वागत किया है. साथ उन्होंने अयोध्या पर फैसला सुनाने वाले जजों को बधाई दी है. साध्वी ने ट्वीट कर कहा है कि सभी न्यायाधीशों का खूब-खूब अभिनंदन है. उन्होंने समस्त राष्ट्र को 'जय श्री राम' भी बोला है. बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. इस संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर शामिल हैं.

यह भी पढ़ेंः अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद नाखुश, कही ये बड़ी बात

इससे पहले अयोध्या की विवादित जमीन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने के बाद साध्वी प्रज्ञा अपने घर से निकलीं और सीधे राजधानी भोपाल के रिवेरा टाउन स्थित हनुमान मंदिर पहुंचीं. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपने घर से मंदिर के लिए हनुमान चालीसा और राम भजन गाते हुए गईं. मंदिर में उन्होंने भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना भी की.

वहीं दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी के नेता जयभान सिंह पवैया ने अपने आवास पर राम दरबार सजाकर पूजा की.  उन्होंने कहा कि करोड़ों की आस्था के केंद्र हैं रामलला. वे कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं. बता दें कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे जयभान सिंह पवैया बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक रहे हैं.

यह भी पढ़ेंः अयोध्या पर कोर्ट के फैसले को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- गंभीरता और धैर्य से स्वीकारें

गौरतलब है कि आज उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में विवादित स्थल राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि 'सुन्नी वक्फ बोर्ड' को मस्जिद के निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि आबंटित की जाए. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने भारतीय इतिहास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस व्यवस्था के साथ ही करीब 130 साल से चले आ रहे इस संवेदनशील विवाद का पटाक्षेप कर दिया. इस विवाद ने देश के सामाजिक ताने बाने को तार-तार कर दिया था.

यह वीडियो देखेंः  

First Published: Nov 09, 2019 02:40:20 PM
Post Comment (+)

न्यूज़ फीचर

वीडियो