ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे, पुलिस से हुई झड़प

Raajesh Gill  |   Updated On : June 06, 2019 11:07:44 AM
अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर.

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर.

ख़ास बातें

  •  जरनेल सिंह भिंडरावाले की टी-शर्ट पहने लोगों ने लगाए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे.
  •  ऑपरेशन ब्लूस्टार की 35वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर में रखा गया था कार्यक्रम.
  •  अमृतसर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है किले सरीखी.

नई दिल्ली.:  

ऑपरेशन ब्लूस्टार (Operation BlueStar) की 35वीं बरसी पर अमृतसर (Amritsar) के स्वर्ण मंदिर में खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की गई. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Prabandhak Committee) के एक कार्यक्रम में एसजीपीसी (SGPC) की टास्क फोर्स और कुछ सिख लोगों में बहस हो गई. वे लोग खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे और उन्होंने ऑपरेशन ब्लूस्टार के दौरान मारे गए खालिस्तानी आतंकी जरनेल सिंह भिंडरावाले ( Jarnail Singh Bhindrawale) की फोटो युक्त टी-शर्ट पहन रखी थी.

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किले जैसी रखी गई है सुरक्षा
एसजीपीसी (SGPC) को इस तरह की किसी घटना की पहले से आशंका थी, इसलिए उसने स्वर्ण मंदिर में टास्क फोर्स (Task Force) को पहले से ही तैनात कर रखा था. यही नहीं, किसी तरह की अवांछित गतिविधियों (Untoward Incident) को टालने के लिए एसजीपीजीसी ने स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) में रात को रुकने वाले श्रद्धालुओं की पृष्ठभूमि की भी अच्छी तरह से जांच की थी. इसके अलावा स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा भी किले सरीखी करते हुए 3 हजार सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं.

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जून 1984 में हुआ था ऑपरेशन ब्लू स्टार
गौरतलब है कि भारतीय सेना (Indian Army) ने स्वर्ण मंदिर को खालिस्तानी आतंकियों (Khalistani Terrorist) से खाली कराने के लिए जून 1984 में ऑपरेशन ब्लूस्टार को अंजाम दिया था. इसकी 35वीं बरसी (Anniversary) के मद्देनजर स्वर्ण मंदिर समेत शहर की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी गई है. शहर में प्रवेश और निकासी के रास्तों पर खास सुरक्षा इंतजाम (Security Arrangements) किए गए हैं. वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है. अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर (DC) शिव दुलार सिंह के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों पर प्रतिबंध (Ban) लगा दिया गया है. इनमें धारदार हथियार भी शामिल हैं.

First Published: Jun 06, 2019 10:47:01 AM
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