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समुद्र तट पर 'प्लॉगिंग' कर पीएम मोदी ने लोकप्रिय कर दिया यह शब्द, जानें इसका इतिहास और भूगोल

न्यूज स्टेट ब्यूरो  |   Updated On : October 13, 2019 03:11:15 PM
पीएम नरेंद्र मोदी प्लॉगिंग करते हुए.

पीएम नरेंद्र मोदी प्लॉगिंग करते हुए. (Photo Credit : नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम अकाउंट स )

ख़ास बातें

  •  पीएम मोदी ने समुद्र तट पर कचरा बीनते अपने वीडियो के साथ लिखा प्लॉगिंग.
  •  जॉगर्स और रनर्स जॉगिंग या दौड़ते हुए कचरा बीनते जाते हैं, तब उन्हें कहते हैं प्लॉगर.
  •  स्वीडन में 2016 में अस्तित्व में आया यह शब्द, जिसे गढ़ा था एरिक एहल्सट्रॉम ने.

नई दिल्ली:  

चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग से ममल्लापुरम में अनौपचारिक बैठक के दूसरे दिन यानी शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समुद्र तट पर कचरा बीनते फोटो और वीडियो चर्चा में आ गया. इसके साथ ही लोगों की उत्सुकता एक अंग्रेजी शब्द 'प्लॉगिंग' के प्रति भी हो गई. पीएम मोदी ने टि्वटर पर शेयर किए वीडियो में लोगों से सार्वजनिक स्थानों का साफ रखने का आह्वान भी किया. गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में भारत के पहले प्लॉगर रिपु दमन बेवली का जिक्र कर चुके हैं.

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क्या है प्लॉगिंग
इस शब्द का अर्थ फिटनेस से संबंधित है. जॉगिंग या दौड़ते समय कचरा बीनने को प्लॉगिंग कहा जाता है और ऐसा करने वाले को प्लॉगर. अपने आप में प्लॉगिंग भी एक व्यायाम है. जॉगिंग या रनिंग के दौरान प्लॉगिंग करने में झुकना पड़ता है, उकड़ूं बैठना पड़ता है और कभी-कभी हाथ-पैर को स्ट्रेच भी करना पड़ता है. प्लॉगिंग फिटनेस के दौरान साफ-सफाई का उद्देश्य भी पूरा करती है. यह दो स्वीडिश शब्दों प्लोका और अप्प से जुड़कर बना है, जिसका अर्थ होता है जॉगिंग के साथ बीनना या उठाना.

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कहां हुई प्लॉगिंग की उत्पत्ति
इस शब्द की उत्पत्ति का श्रेय स्वीडन के एरिक एहल्सट्रॉम को जाता है. इसे सामूहिक गतिविधि के तौर पर एरिक ने 2016 में शुरू किया था. इसके तहत जॉगर्स और रनर्स जॉगिंग या दौड़ते हुए कचरा बीनते जाते हैं. बाद में यह शब्द 2018 में वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य कर लिया गया, जब कई देशों में इसे पर्यावरण की साफ-सफाई बतौर अपनाया गया. कहीं-कहीं तो इसके लिए बकायदा क्लब भी बन गए हैं. ऐसे ही कई क्लब भारत में भी चल रहे हैं.

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भारत में भी हो रहा लोकप्रिय
मैक्सिको शहर में प्लॉगिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जब एक साथ 4 हजार लोगों ने प्लॉगिंग को अंजाम दिया था. हालांकि एरिक एहल्सट्रॉम कहते हैं कि भारत में यह कहीं बड़े पैमाने पर होता है. उनके अनुसार 10 हजार के आसपास लोग प्लॉगिंग को रोजाना अंजाम देते हैं. इस शब्द या गतिविधि को दुनिया भर में मिल रही लोकप्रियता से एरिक खासे अभिभूत भी हैं. उनके मुताबिक प्लॉगिंग के दौरान कहीं ज्यादा कैलोरी खर्च होती हैं. ऐसे में फिटनेस के प्रति सचेत रहने वाले इसके जरिया कैलोरी बर्न करते हुए अपने आसपास साफ-सफाई रखने में भी मदद कर सकते हैं.

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रिपु दमन बेवली हैं पहले भारतीय प्लॉगर
भारत के पहले प्लॉगर रिपु दमन बेवली फिलहाल अपने मिशन 'रन टू मेक इंडिया लिटर फ्री' के तहत सुर्खियों में हैं. इस मिशन के तहत वह दौड़ने के साथ-साथ भारत के 50 शहरों में साफ-सफाई रखने की अलख जगा रहे हैं. इस अभियान की समाप्ति 3 नवंबर को नई दिल्ली में होगी. इसके पहले वह दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में साफ-सफाई का संदेश दे चुके हैं.

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पीएम मोदी भी है रिपु दमन के मुरीद
गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रिपु दमन के इस अनोखे मिशन की तारीफ की थी. उन्‍होंने कहा था, 'प्‍लॉगिंग करके रिपु दमन बेलवी ने अनोखी पहल की है. जब मैंने यह पहली बार सुना तो मेरे लिए यह एक नया शब्‍द था. विदेशों में प्‍लॉगिंग होती रहती है लेकिन भारत में रिपु दमन ने इसे मशहूर कर दिया है.'

First Published: Oct 12, 2019 04:41:10 PM
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